
सिंगरौली । बैढ़न-बरगवां मार्ग पर शाम ढलते ही मवेशियों का कब्जा वाहन चालकों के लिए जानलेवा मुसीबत बन जाता है। शाम करीब 5 बजे से सुबह 7 बजे तक सड़क के बीचों-बीच मवेशियों के झुंड डेरा जमाए रहते हैं।
अचानक बैठे या सड़क पार करते मवेशियों से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें मवेशी भी चोटिल होकर जान गंवा रहे हैं और वाहन चालक भी हादसे का शिकार हो रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी शाम के समय बरगवां रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को होती है। करीब 23 किलोमीटर के इस मार्ग को तय करने में सामान्य परिस्थितियों में लगने वाले समय की तुलना में एक से सवा घंटे तक लग रहा है। सड़क पर झुंड के कारण वाहन चालकों को बार-बार गति कम करनी पड़ती है और कई जगह जोखिम उठाकर निकलना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्घटना होने के बाद पशुपालक दिखाई देते हैं, लेकिन मवेशियों को सड़क पर छोड़ने से रोकने वाला कोई नजर नहीं आता। गोवंश सुरक्षा की दुहाई देने वाले संगठनों और जिम्मेदारों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। यह समस्या पिछले चार-पांच वर्षों से बनी हुई है। खास बात यह है कि इसी मार्ग से कलेक्टर, जिपं सीईओ, ननि आयुक्त समेत तमाम अधिकारी गुजरते हैं, लेकिन शाम के समय सड़क पर पसरा यह खतरा उन्हें दिखाई नहीं देता। लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर सड़क को मवेशियों से मुक्त कराने की मांग की है।
