राजनाथ ने रामलला का किया दर्शन पूजन, उदासीन आश्रम में गुरु महोत्सव में लिया हिस्सा

अयोध्या, 05 अक्टूबर (वार्ता) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि पर विराजमान रामलला का दर्शन पूजन किया और रानोपाली स्थित उदासीन आश्रम में आयोजित गुरु पर्व महोत्सव में हिस्सा लिया।

श्री सिंह आज एक दिवसीय संक्षिप्त दौरे पर अयोध्या पहुंचे जहां हवाई अड्डे पर उनका स्वागत भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया। एयरपोर्ट से वह सीधे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भव्य मंदिर में श्री रामलला का दर्शन-पूजन किया। इस अवसर पर उन्होने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सीईओ सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र के साथ मंदिर परिसर पर चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया।

बाद में रक्षा मंत्री ने उदासीन आश्रम में आयोजित गुरु पर्व महोत्सव में शिरकत की। उन्होने संस्कृत के विद्यार्थियों का उत्साह वर्धन करते हुये कहा कि वे केवल एक विषय का अध्ययन नहीं कर रहे, बल्कि देश की समृद्ध ज्ञान परंपरा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने छात्रों से संस्कृत के साथ आधुनिक विज्ञान और तकनीक का ज्ञान हासिल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यहां से ऐसे विद्यार्थी निकलें जो संस्कृत के श्लोकों का अर्थ समझने के साथ-साथ कंप्यूटर कोड भी लिख सकें।

उन्होने कहा कि यदि उत्तर प्रदेश में पुनः योगी आदित्यनाथ की सरकार बनती है, तो वे मुख्यमंत्री से प्रदेश के सभी विद्यालयों में ‘वैदिक गणित’ की पढ़ाई अनिवार्य रूप से शुरू कराने का आग्रह करेंगे। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि वैदिक गणित की अपनी अद्भुत विशिष्टता है और आज लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स जैसे विश्वस्तरीय संस्थानों में भी इसे पढ़ाया जा रहा है।

रक्षा मंत्री ने योगी सरकार की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि उनके कुशल संरक्षण में ‘शासन व्यवस्था’ और ‘सनातन व्यवस्था’ दोनों ही अपने उत्कर्ष पर हैं। उन्होंने राम मंदिर आंदोलन में संतों के संघर्ष, बलिदान और यातनाओं को याद करते हुए उन्हें नमन किया।

राजनाथ सिंह ने कहा कि अयोध्या केवल एक भौगोलिक स्थान नहीं है, बल्कि यह भारत की चेतना, संस्कृति और सभ्यता का प्राण केंद्र है। भगवान श्रीराम ने इस पावन धरती से पूरी दुनिया को धर्म, न्याय और मर्यादा का अमर संदेश दिया है।

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