लंदन, 05 अक्टूबर (वार्ता) अमेरिकी वायुसेना ने ब्रिटेन स्थित आरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस से अपने सभी रणनीतिक बमवर्षक विमानों को वापस बुला लिया है।
अमेरिकी रक्षा विभाग ने रविवार को इस बात की पुष्टि की। अमेरिका ने इसे एक सामान्य सुरक्षा प्रक्रिया और वैश्विक पुनर्तैनाती का हिस्सा करार दिया है, लेकिन माना जा रहा है कि आतंकवादी हमले के खतरे के मद्देनजर उसने यह कदम उठाया है।
गौरतलब है कि ग्लोस्टरशायर स्थित इस महत्वपूर्ण एयरबेस को 27 सितंबर को निशाना बनाने की साजिश रची गयी थी, जिसमें ब्रिटिश पुलिस ने विस्फोटकों और आतंकवाद के संदेह में पांच ब्रिटिश नागरिकों को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा एक अक्टूबर को आतंकवादी कृत्य की तैयारी के संदेह में एक यूके-ईरानी नागरिक को भी गिरफ्तार किया गया। बाद में हालांकि सभी को जमानत पर रिहा कर दिया गया। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने घटना में ईरान का हाथ होने के मजबूत संकेत दिये थे, जिसे ईरान ने खारिज कर दिया है।
अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, फेयरफोर्ड बेस पर तैनात बी-1, बी-2 और बी-52 जैसे सभी बमवर्षक विमान अपने अमेरिकी गृह स्टेशनों पर लौट आये हैं। सूत्रों के मुताबिक, जल्दबाजी में हटाये गये कम से कम 12 बमवर्षकों में से कुछ विमान हाल ही में नियमित बारी आने पर वहां पहुंचे थे। आरएएफ फेयरफोर्ड यूरोप में अमेरिका के ग्लोबल स्ट्राइक कमान के लिए एक बेहद अहम अग्रिम परिचालन ठिकाना रहा है, जिसका इस्तेमाल ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों के दौरान भी किया गया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस अचानक वापसी के पीछे एयरबेस पर बना सुरक्षा खतरा या फिर वाशिंगटन द्वारा ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियानों के पैमाने को कम करने की रणनीति हो सकती है।

