रीवा: कमिश्नर कार्यालय सभागार में आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक में कमिश्नर बीएस जामोद ने महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा की.
कमिश्नर ने कहा कि परियोजना अधिकारी और सुपरवाइजर क्षेत्र का भ्रमण करके आंगनवाड़ी केन्द्रों का नियमित निरीक्षण करें. आंगनवाड़ी केन्द्रों के समय पर खुलने, पोषण आहार वितरण और बच्चों की अच्छी उपस्थिति सुनिश्चित करें. यदि आंगनवाड़ी केन्द्र 25 दिन से कम खुला पाया गया तो संबंधित पर्यवेक्षक और परियोजना अधिकारी पर कार्यवाही की जाएगी.
आंगनवाड़ी केन्द्र से टीएचआर का नियमित रूप से वितरण कर पोर्टल पर जानकारी दर्ज करें. कमिश्नर ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग दोनों के लिए गर्भवती महिलाएं एवं बच्चे हितग्राही हैं. दोनों विभाग मिलकर इनके स्वास्थ्य रक्षा के प्रभावी उपाय करें. गर्भवती महिलाओं के घरों का भ्रमण कर महिलाओं तथा परिवारजनों को साफ-सफाई एवं उचित पोषण के संबंध में समझाइश दें. गर्भवती महिला के साथ स्वयं भोजन करें. उनके भोजन में यदि कोई कमी है तो उसे दूर करने के उपाय बताएं. हाईरिस्क तथा एनिमिक गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य रक्षा पर विशेष ध्यान दें.
इनके प्रसव की तिथि से एक सप्ताह पूर्व इन्हें अस्पताल में बर्थ वेटिंग हाल में भर्ती करा दें. ऐसे इलाके जिनमें पहुंचना कठिन है उनकी गर्भवती महिलाओं को भी एक सप्ताह पूर्व प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराएं. जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा परियोजना अधिकारी घर में उपलब्ध और आसानी से खरीदे जाने वाले पोषण आहार की सूची प्रत्येक गर्भवती महिला को दें. बैठक में संयुक्त संचालक श्रीमती शशि श्याम उइके ने विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की. बैठक में संयुक्त आयुक्त सुदेश मालवीय मौजूद रहे.
