इंदौर: तकनीक आधारित नवाचारों को वित्तीय सहायता, निवेश और बाजार से जोड़ने की दिशा में आईआईटी इंदौर ने अहम पहल की है. आईआईटी इंदौर स्थित आईआईटीआई दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन और आईएफसीआई वेंचर कैपिटल फंड्स लिमिटेड के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए हैं. इसका उद्देश्य पात्र स्टार्टअप्स और तकनीक आधारित उद्यमों के लिए वित्तपोषण के अवसर बढ़ाना, निवेशकों से संपर्क आसान करना और नई तकनीकों को बाजार तक पहुंचाना है.
समझौते के तहत आईआईटीआई दृष्टि के तकनीकी हस्तांतरण, उद्यम संवर्धन और नवाचार तंत्र को आईएफसीआई वेंचर की निवेश विशेषज्ञता से जोड़ा जाएगा। दोनों संस्थाएं संभावनाशील स्टार्टअप्स की पहचान, उन्हें निवेश के लिए तैयार करने, निवेशकों से जोड़ने, व्यावसायिक प्रस्तुति, क्षमता निर्माण और उद्योग से संपर्क बढ़ाने के लिए सहयोग करेंगी. आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रो. सुहास जोशी ने कहा कि नवाचारों को सार्थक सामाजिक प्रभाव में बदलना जरूरी है. यह सहयोग अनुसंधान और तकनीकी विकास से लेकर वित्तपोषण तथा व्यावसायीकरण तक की प्रक्रिया को मजबूत करेगा.
आईआईटीआई दृष्टि के परियोजना निदेशक प्रो. आई. ए. पलानी ने तकनीकी नवाचारों को उपयुक्त वित्तीय संसाधनों और बाजार अवसरों से जोड़ने के लिए मजबूत संस्थागत व्यवस्था की आवश्यकता बताई.
सरकारी योजनाओं से जुड़ेंगे संभावित अवसर
साझेदारी के तहत आईएफसीआई वेंचर द्वारा प्रबंधित भारत सरकार समर्थित योजनाओं से संभावित जुड़ाव भी तलाशा जाएगा। इनमें अनुसूचित जातियों के लिए उद्यम पूंजी कोष, पिछड़ा वर्ग उद्यम पूंजी कोष, सेज वेंचर फंड और अंबेडकर सामाजिक नवाचार एवं उद्यम संवर्धन मिशन शामिल हैं. हालांकि, वित्तीय सहायता संबंधित योजना की पात्रता, दिशा-निर्देश, जांच-पड़ताल, निधि की उपलब्धता और आवश्यक मंजूरियों पर निर्भर होगी.
