मंदिर भूमि के राजस्व रिकार्ड में बदलाव पर हाईकोर्ट की रोक

जबलपुर: हाईकोर्ट ने श्री राधा कृष्ण मंदिर की भूमि के राजस्व अभिलेख में सरवराहकार के नाम को लेकर चल रहे विवाद में अंतरिम आदेश देते हुए अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी की एकलपीठ ने सुरेंद्र जायसवाल की याचिका पर प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब तलब किया है।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता केके पांडेय व सिद्धार्थ एस पांडे ने पक्ष रखा। याचिका में 24 अगस्त 2026 को अतिरिक्त कलेक्टर, जबलपुर द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी गई है। विवाद ग्राम खैरी, तहसील शहपुरा (भिटौनी) स्थित खसरा नंबर 25 की 1.485 हेक्टेयर मंदिर भूमि से संबंधित है। याचिकाकर्ता का दावा है कि वर्ष 1948 से राजस्व रिकार्ड में मंगल्ली एवं उनके परिवार का नाम सरवराकार के रूप में दर्ज रहा है।

वर्ष 2014 में अन्य व्यक्तियों के नाम प्रबंधक के रूप में दर्ज किए गए थे, जिसे अपीलीय प्राधिकारी ने 30 अक्टूबर 2017 को निरस्त कर मंगल्ली का नाम पुनः दर्ज करने का निर्देश दिया था। याचिका के अनुसार एसडीओ ने 24 अक्टूबर 2025 को उक्त आदेश का पालन किया, लेकिन अतिरिक्त कलेक्टर ने 24 अगस्त 2026 को आदेश निरस्त कर पुनः अन्य नाम दर्ज करने का रास्ता खोल दिया। हाई कोर्ट ने प्रथम दृष्टया मामले पर विचार करते हुए नोटिस जारी किए और अगली सुनवाई तक राजस्व रिकार्ड में वर्तमान स्थिति बनाए रखने का आदेश दिया। प्रकरण चार सप्ताह बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

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