मोदी को अवैध प्रधानमंत्री और शाह को अवैध गृहमंत्री बताकर खरगे ने किया संवैधानिक संस्थानों का अपमान: शिवराज

नयी दिल्ली 03 अक्टूबर (वार्ता) केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को ‘अवैध’ बताये जाने को संवैधानिक संस्थानों और जनादेश का अपमान करार देते हुए कहा कि उनके (श्री खरगे) को यह बयान लगातार मिल रही पराजयों से हताश कांग्रेस की पुरानी परिपाटी का प्रमाण है।

श्री चौहान ने शनिवार को श्री खरगे के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के निर्देश पर श्री खरगे द्वारा प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को ‘अवैध’ बताना संवैधानिक संस्थानों और जनादेश का अपमान है। उन्होंने कहा कि जब-जब देश की जनता कांग्रेस को चुनावों में नकारती है, तब-तब वह लोकतंत्र, चुनाव आयोग, ईवीएम और जनादेश का अपमान करने पर उतारू हो जाती है।

उन्होंने कहा, ” कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को अवैध कहना न केवल 140 करोड़ भारतीयों के विवेक का अपमान है, बल्कि संविधान का भी खुला अनादर है। जिस प्रधानमंत्री को देश की जनता ने पूर्ण बहुमत और रिकॉर्ड जनादेश के साथ चुना है, उन्हें ‘अवैध’ करार देना कांग्रेस के अहंकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था में उसके अविश्वास को दर्शाता है।”

केंद्रीय मंत्री ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस की नजर में लोकतंत्र केवल तभी वैध होता है, जब गांधी परिवार या कांग्रेस सत्ता में हो? जहां एक लोकतांत्रिक देश में किसी सरकार का पांच साल तक चल जाना भी एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है, वहीं भारत जैसे विविधतापूर्ण और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में लगातार तीन बार मुख्यमंत्री पद पर और उसके बाद लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में जनता द्वारा चुना जाना यह साबित करता है कि देश की जनता का विश्वास किस पर है।

उन्होंने कहा कि श्री खरगे ने निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शायद अपना इतिहास भूल गयी है। दशकों तक कांग्रेस सरकारों ने बिना किसी कानून या पारदर्शी चयन समिति के केवल प्रधानमंत्री कार्यालय की एक पर्ची पर मनमाने तरीके से चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की और बाद में उन्हें मंत्री पद तथा सांसद बनाकर का इनाम दिया। आज जब एक वैधानिक और पारदर्शी व्यवस्था बनी है, तो कांग्रेस निराधार आरोप लगा रही है।

श्री चौहान ने कहा कि मतदाता सूची को अद्यतन करना, फर्जी और दोहरे नामों को हटाना तथा योग्य नागरिकों को जोड़ना चुनाव आयोग की एक सतत और वैधानिक प्रक्रिया है। चुनाव आयोग नियमों के तहत पारदर्शी तरीके से दावा और आपत्ति के फॉर्म स्वीकार करता है। कांग्रेस ‘गरीबों’ और ‘मुस्लिम अल्पसंख्यकों’ के नाम पर डर और भ्रम का माहौल बनाकर अपनी तुष्टीकरण की राजनीति को जिंदा रखना चाहती है।

केंद्रीय मंंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का प्रत्येक कार्यकर्ता केवल वैध और निष्पक्ष मतदान का पक्षधर है। उन्होंने जब कांग्रेस कर्नाटक, तेलंगाना या हिमाचल प्रदेश में जीतती है, तब उसे ईवीएम पर कोई आपत्ति नहीं होती, लेकिन जब जनता कांग्रेस के भ्रष्टाचार और विभाजनकारी राजनीति को खारिज कर देती है, तो हार का ठीकरा तुरंत ईवीएम पर फोड़ दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय बार-बार ईवीएम की विश्वसनीयता और निष्पक्षता पर अपनी मुहर लगा चुका है। इसके बावजूद कांग्रेस देश को 1980 और 90 के दशक के बूथ कैप्चरिंग, मतपेटी लूटने और हिंसा वाले बैलेट पेपर के दौर में वापस धकेलना चाहती है। कांग्रेस आज मुद्दों से विहीन हो चुकी है। अपनी लगातार चुनावी हारों को छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करना, सड़कों पर अराजकता फैलाना और देश के लोकतंत्र को वैश्विक मंच पर बदनाम करना ही कांग्रेस का एजेंडा बन चुका है।

उन्होंने कहा कि भाजपा यह स्पष्ट करती है कि देश का लोकतंत्र बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के संविधान की नींव पर अडिग है और जनता ऐसे झूठे और आधारहीन बयानों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से बार-बार देती रहेगी।

 

 

 

Next Post

221 वाहन चालकों के काटे चालान

Sat Oct 3 , 2026
जबलपुर । सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से शनिवार को यातायात के तीनों थानों द्वारा हेलमेट एवं सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ चेकिंग अभियान चला बिना हेलमेट एवं सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करने वाले वाहन चालकों के विरूद्ध कुल 221 चालान […]

You May Like