जबलपुर: हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति व हिंदी टाइपिंग परीक्षा से संबंधित मामले में याचिकाकर्ता डिंडौरी अरविंद कुमार कटारिया को नया अभ्यावेदन प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता देते हुए संबंधित अधिकारियों को 90 दिन में नियमानुसार निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता 15 दिन के भीतर अभ्यावेदन प्रस्तुत करे।
दरअसल याचिकाकर्ता की वर्ष 2011 में अनुकंपा नियुक्ति हुई थी। अधिवक्ता सुदीप सिंह सैनी ने तर्क दिया कि नियुक्ति के समय लागू 1992 के प्रावधानों के तहत हिंदी टाइपिंग परीक्षा उत्तीर्ण करने की शर्त थी, लेकिन 40 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर स्थायी छूट का प्रविधान था। याचिकाकर्ता ने 24 अगस्त 2022 को 40 वर्ष की आयु पूरी कर ली, इसलिए उसी तारीख से परीक्षा से स्थायी छूट, रोकी गई वार्षिक वेतनवृद्धि, एरियर व नियमित कर्मचारी के रूप में परिणामी लाभ मांगे हैं।
मामले में निखिल सिंह ठाकुर बनाम राज्य शासन के 23 अप्रैल 2024 के निर्णय का भी हवाला दिया गया। कोर्ट ने अधिकारियों को शासन के संबंधित सर्कुलर और उक्त निर्णय के आलोक में अभ्यावेदन का निराकरण करने को कहा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आदेश पारित करते समय मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त नहीं की गई है।
