ग्वालियर : बीएसएनएल की आल यूनियंस एसोसियेशन आफ बीएसएनएल (एयूएबी) के आव्हान पर देश भर के 54 हजार से भी अधिक कर्मचारियों व अधिकारियों ने तीसरा वेतन संशोधन लागू करने की मांग आज सभी बीएसएनएल कार्यालयों पर क्रमिक भूख हडताल कर प्रदर्शन किया। बीएसएनएल ग्वालियर मुख्यालय पर भी यह क्रमिक भूख हडताल रखी गई, जिसमें सभी कर्मचारी अधिकारियों ने बारी-बारी से शिरकत की। इस मौके पर बीएसएनएल डे पर आयोजित सभी कार्यक्रम स्थगित रहे। कर्मचारियों का कहना था कि पहले हमारा तीसरा वेतन संशोधन जो एक जनवरी 2017 से लंबित है उसे दिया जाये। कर्मचारी नेताओं ने यह भी कहा कि जब बीएसएनएल हम लोगों की मेहनत से अब लाभ में आ गया है, तो वेतन संशोधन तुरंत दिया जाये।
एयूएबी के नेताओं ने बताया कि सरकारी नीतियों के कारण मोबाइल सेवाओं के शुभारंभ में देरी हुई इसके बाद 3 जी सेवाओं की शुरूआत में विलंब हुआ और अंततः आपरेटरों ने वर्ष 2014-15 में 4 जी सेवाएं शुरू कर दी थी, तब बीएसएनएल अन्य आपरेटरों की तुलना में एक दशक की देरी के बाद ही अपनी 4 जी सेवाएं शुरू कर सका। सरकारी नीति के अनुसार बीएसएनएल को बिना परखी हुई स्वदेशी 4 जी तकनीक के साथ 4 जी सेवाएं लांच करनी थी, और बीएसएनएल अपने कार्याबल ( कर्मचारियों ) के समर्पण के कारण सफल रहा ।
एयूएबी ने इस बात पर जोर दिया कि बीएसएनएल से अपनी व्यावसायिक व्यावहारिकता की परवाह किए बिना सरकार के सामाजिक दायित्वों को पूरा करने की अपेक्षा की जाती है। अतः सरकार की यह नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वह वहनीयता खंड में ढील दे और बीएसएनएल कर्मचारियों के थर्ड पीआरसी लागू करें, जिससे बीएसएनएल कार्यबल का मनोबल और कार्यक्षमता अत्यधिक बढेगी। इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन में मध्यप्रदेश में मुख्य रूप से एसएनईए, एआईबीएसएनएलईए , एसईडब्ल्यूए बीएसएनएल, बीएसएनएलईयू एवं एनएफटीई सहित अन्य यूनियन एवं एसोसियेशन सक्रिय रूप से शामिल है।
इस मौके पर महेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, आरएस दिनकर, धीरज शर्मा, नित्यांनद दीक्षित, शैलेन्द्र सिंह तोमर, बृजेश निर्मल, अनिल रसेनिया, आरकेएल रायकवार ,हिमांशु मिश्रा, रवि समर यादव, देवी सिंह कुशवाह, भूपेन्द्र कुशवाह, कुलदीप कैन, देवेन्द्र सिंह गुर्जर, आलोक तिवारी आदि भूख्र हडताल पर बैठे।
