कटनी: बाकल थाना क्षेत्र में युवक कुणाल राजपूत के साथ दो युवकों द्वारा की गई बेरहमी से मारपीट के बाद उपजा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। 22 अक्टूबर को हुए चक्काजाम और रात में थाने में पुलिस कर्मियों पर हमले के बाद मामला और तूल पकड़ गया है। अब राजपूत करणी सेना और अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने थाने की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग उठाई है।
शुक्रवार को राजपूत करणी सेना के संभाग अध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर आरोप लगाया कि करणी सेना के पांच सदस्यों के साथ थाने में बेरहमी से मारपीट की गई और उन्हें सुबह चार बजे छोड़ा गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिला पुलिस अधिकारी के पति ने भी मारपीट में हिस्सा लिया, जबकि उसे ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं था। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई, तो करणी सेना उग्र आंदोलन करेगी।
इस दौरान करणी सेना ने बाकल थाना प्रभारी पर भी कार्रवाई की मांग की और घटना की रात का पूरा सीसीटीवी फुटेज दिखाने की मांग दोहराई।वहीं, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिला अध्यक्ष अनिल सिंह सेंगर ने भी पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर थाने के अंदर और बाहर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तत्काल जप्त कर सुरक्षित रखने की मांग की है। उन्होंने कहा कि 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी फुटेज जप्त न होना पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है और इससे साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की आशंका बनी हुई है।
