गुना में अतिक्रमण के खिलाफ महाअभियान का हंगामेदार आगाज अभी नहीं तो कभी नहीं का नारा देकर गांधी जयंती पर कलेक्टर के साथ मैदान में उतरे जिलेभर के अधिकारी, स्वच्छता पर जोरगांधी जयंती पर गुना शहर में एक नए जोश के साथ ‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ नारे के तहत स्वच्छता और अतिक्रमण विरोधी महाअभियान का शंखनाद हुआ। सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा एक दिन पहले दिए गए कड़े निर्देशों के बाद, प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आया। अभियान के पहले ही दिन वार्ड क्रमांक 28 में प्रशासनिक अमले, भारी पुलिस बल और खुद कलेक्टर के मैदान में उतरने से हड़कंप मच गया। इस दौरान कार्रवाई ने तब तूल पकड़ लिया जब एक अतिक्रमणकारी ने अधिकारियों के सामने ही जुमार्ने की रसीद फाड़ने की कोशिश की और धक्का-मुक्की तक हो गई।
दरअसल, कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल स्वच्छता को लेकर वार्ड 28 का भ्रमण कर रहे थे, तभी उनकी नजर एक गली में बने अवैध चबूतरों पर पड़ी। उन्होंने तुरंत नगरपालिका की टीम को चबूतरा तोड़ने और जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। फिर क्या था, कुछ ही देर में नगरपालिका की टीम जेसीबी लेकर पहुंची तो हंगामा शुरु गई। अतिक्रमणकारी को सीएमओ शैलेष अवस्थी की मौजूदगी में जब 10 हजार रुपए जुर्माने की रसीद थमाई गई तो उसने हंगामा कर दिया। एक युवक ने रसीद फाड़ने का प्रयास किया, जिस पर विवाद और बढ़ गया।
सरकारी कार्रवाई में इस तरह के अड़ियल रवैये और अभद्रता को देखकर अधिकारी भड़क उठे। आनन-फानन में कलेक्टर के सख्त निर्देशों पर मौके पर जेसीबी बुलवाई गई और तुरंत उस अवैध चबूतरे को नेस्तनाबूद कर दिया गया।
कार्रवाई के दौरान सीएमओ शैलेष अवस्थी ने सख्त लहजे में कहा कि सरकारी कार्रवाई में ऐसा व्यवहार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि, अतिक्रमणकारी अपनी जिद पर अड़ा रहा। उसका दावा था कि गली के रहवासियों ने अपने खर्चे पर सड़क डलवाई है और जब समस्याएं होती हैं, तब नगरपालिका झांकने तक नहीं आती। उसने दो टूक कह दिया कि वह जुमार्ना नहीं भरेगा और इसके लिए कोर्ट में केस लड़ने को तैयार है।
जैसी ही जेसीबी ने चबूतरा तोड़ना शुरू किया, वार्ड में भारी हंगामा मच गया। देखते ही देखते महिलाएं भी अपना अतिक्रमण बचाने के लिए मैदान में कूद पड़ीं और नगरपालिका अमले से उलझती नजर आर्इं। स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया। इसी गहमागहमी के बीच सीएमओ ने अतिक्रमणकारी की बिल्डिंग की ओर इशारा करते हुए उसकी अनुमति के कागजात तक तलब कर डाले।
दिनभर चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे और विरोध के बावजूद सीएमओ शैलेष अवस्थी ने स्पष्ट किया कि गुना को पूरी तरह स्वच्छ बनाना ही उनका मुख्य संकल्प है। उस विशेष गली में प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए 15 से 20 घरों के अतिक्रमण को हटाकर रास्ता साफ कर दिया। इस महाअभियान ने साफ कर दिया है कि गुना प्रशासन अब शहर के विकास और व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए किसी भी प्रकार की नरमी बरतने के मूड में नहीं है।
हंगामे और विरोध के बीच कलेक्टर ने पूरी कमान अपने हाथ में संभाली और मजिस्ट्रेट सुश्री महिमा चौधरी, देवांशु शिवहरे, आरती गौतम समेत भारी-भरकम अधिकारियों की फौज के साथ वार्ड की गलियों की खाक छानी। इस दौरान कलेक्टर ने माईक थामकर खुद लोगों को दिशा-निर्देश दिए।
