सतना : अमृत परियोजना पेयजल घटक के अंतर्गत शहर में उच्च स्तरीय टंकियों के निर्माण और पाइपलाइन विस्तार के कार्य में लगातार हो रही देरी को देखते हुए निगम प्रशासन ने अब कड़ा रुख अपना लिया और कार्रवाई करते हुए मेसर्स जियो मिलर एण्ड कंपनी प्रा.लि. का अनुबंध समाप्त कर दिया. इतना ही नहीं बल्कि उक्त फर्म को ब्लैकलिस्ट किए जाने से संबंधित प्रस्ताव राज्य शासन को भेज दिया गया है.शहर में अमृत परियोजना के अंतर्गत पूर्व में बिछाई जा चुकी पाइपलाइन के बाद शहर के अन्य क्षेत्रों में पाइपलाइन के विस्तार से लेकर विभिन्न हिस्सों में 4 उच्च स्तरीय टंकियों के निर्माण का कार्य जियो मिलर एण्ड कंपनी को लगभग 30 करोड़ रु की लागत से दिया गया था.
वैसे तो कार्य की मूल पूर्णता अवधि21 दिसंबर 2023 तक ही थी. लेकिन फर्म के अनुरोध पर 3 माह की समयावृद्धि देते हुए कार्य पूरा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2024 कर दी गई. निर्माण कार्य में लगातार बरती जा रही लापरवाही का आलम यह रहा कि निर्धारित तिथि समाप्त होने के 18 माह बाद भी कार्य पूरा नहीं हो सका. वर्तमान समय में कार्य की प्रगति पर यदि गौर किया जाए तो उच्च स्तरीय टंकियों का निर्माण अब तक अध्ूारा है. इसी कड़ी में जीएलएसआर डब्लूटीपी का निर्माण भी अधूरा है. रही सही कसर तब पूरी होती नजर आई जब पाइपलाइन बिछाने के बाद सडक़ों का समुचित रेस्टोरशन भी नहीं किया गया. इसके अलावा न तो पाइनलाइनों की टेस्टिंग की गई और न ही आपूर्ति किए गए मोटर पंपों को स्थापित कर चालू किया गया.
अन्य फर्मों को कार्य सौंपा
नगर निगम के अनुसार समय पर कार्य पूरा नहीं करने के साथ ही सक्षम स्वीकृति के बिना कार्य अन्य फर्म को सौंप दिया गया. न तो वर्क प्लान सामने रखा गया और न ही वर्क प्रोग्राम प्रस्तुत किया गया. कंपनी द्वारा एक ओर जहां अनुभवी श्रमिकों का पर्याप्त उपयोग नहीं किया गया वहीं निर्णारित मानक सामग्री से भी दूरी बनाए रखी. इतना ही नहीं बल्कि पाइपलाइन को निर्धारित गहराई तक न ले जाकर फौरी तौर की औपचारिकता निभाने का प्रयास किया गया.
अधूरे कार्य की होगी नई निविदा
निर्माण कार्य में लगातार हो रही देरी और लापरवाही को देखते हुए निगम प्रशासन द्वारा 25 सितंबर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. लेकिन निर्धारित समय में फर्म की ओर से कोई जवाब नहीं मिलने के कारण गुरुवार कोननि द्वारा जियो मिलर कंपनी से अनुबंध समाप्त करते हुए फर्म को काली सूची में दर्ज करने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया. अब पाइपलाइन एवं उच्च स्तरीय टंङ्क्षकयों के निर्माण से संबंधित अधूरे पड़े कार्यों को जल्द पूरा करने के लिए ननि द्वारा शेष कार्य का पुन: आकलन कर रिस्क एण्ड कास्ट के आधार पर नई निविदा की प्रक्रिया शुरु की जाएगी
