इंदौर: मेट्रो रेल के पीथमपुर से उज्जैन तक की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बन गई है। उक्त 88 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड लाइन के लिए 25 से 26 हजार करोड़ की लागत डीपीआर में बताई गई है, जिसमें 16 किलोमीटर अंडर ग्राउंड लाइन भी शामिल होगी। उक्त लाइन के लिए भोपाल में मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अनुमोदन के बाद फिर दिल्ली से स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
इंदौर, महू, पीथमपुर और उज्जैन को मेट्रो से जोड़ने की योजना पर तेजी से कार्य चल रहा है। उक्त योजना के लिए मध्यप्रदेश मेट्रो ने डीपीआर जारी किया था, जिसकी रिपोर्ट मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को मिल गई है। इसके तहत पीथमपुर से उज्जैन तक करीब 88 किलोमीटर लंबी लाइन का प्रस्ताव है, जिसको दो अलग अलग चरणों में बनाया जाएगा।
पहले चरण में उज्जैन से इंदौर लव कुश चौराहे तक 55 किलोमीटर तथा दूसरे चरण पीथमपुर से लवकुश चौराहे तक 33 किलोमीटर का काम होगा। खास बात यह है कि लव कुश चौराहे से राजेंद्र नगर तक 16 किलोमीटर अंडर ग्राउंड लाइन उक्त प्रोजेक्ट में शामिल कर ली गई है। उक्त 88 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड के साथ 16 किलोमीटर अंडर ग्राउंड लाइन को जोड़कर डीपीआर में करीब 25 से 26 हजार करोड़ रुपए लागत बताई जा रही है।
मेट्रो सूत्रों ने पीथमपुर से उज्जैन तक मेट्रो रेल डीपीआर पर मिलने की पुष्टि की है। डीपीआर पर मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन अनुमोदन कर लाइन स्वीकृति हेतु दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को भेजेगा। दिल्ली मेट्रो से स्वीकृति होने के बाद उक्त लाइन के लिए मेट्रो टेंडर जारी करेगा। इस प्रक्रिया में करीब तीन से छह माह का समय लग सकता है।
माना जा रहा है कि एमपी मेट्रो दूसरे चरण में अरविंदो से राजेंद्र नगर तक भूमिगत लाइन डालने के साथ पीथमपुर उज्जैन मेट्रो रेड लाइन होगी। इस लाइन का सेंटर बड़ा गणपति स्टेशन बनाने का प्रस्ताव किया गया है।
संभावित निम्न स्टेशन
पीथमपुर उज्जैन मेट्रो रेल के लिए पीथमपुर के सेक्टर तीन आयशर चौराहा , टिहरी लॉजिस्टिक पार्क, महू रोड, राऊ, राजेंद्र नगर से अंडर ग्राउंड अन्नपूर्णा मंदिर, महूनाका , बड़ा गणपति, मारीमाता चौराहे, सांवेर रोड़ इंडस्ट्रियल एरिया, लवकुश चौराहा, रेवरी रेंज, धरमपुरी, नरवल, तराना , सांवेर, पंथ पिपलई, निनोरा और उज्जैन रोड संभावित स्टेशन बनेंगे।
मेट्रो रेड लाइन की संभावना
डीपीआर मंजूर होते ही एमपी मेट्रो कॉर्पोरेशन टेंडर प्रक्रिया शुरू कर देगी। इस प्रक्रिया में छह माह का समय लग सकता है । उक्त लाइन करीब 5 से 8 साल में पूरी करने का लक्ष्य तय किया जाएगा। साथ ही उक्त 88 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड एवं 16 किलोमीटर अंडर ग्राउंड लाइन को मेट्रो रेड लाइन का नाम दिया जा सकता है।
