महाकाल मंदिर मार्ग से 39 मकान-दुकानों के हिस्से हटे, सिंहस्थ के लिए 12 से 24 मीटर तक चौड़ा होगा 

उज्जैन। सिंहस्थ महाकुंभ-2028 में देश-विदेश से आने वाले करीब 50 करोड़ श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए महाकाल मंदिर और आसपास के मार्गों को सुगम बनाने की कवायद तेज हो गई है। गुरुवार को नगर निगम की टीम ने करीब 200 मीटर लंबे हिस्से में सडक़ की जद में आए मकान-दुकानों के प्रभावित हिस्से हटाने की कार्रवाई की। खास बात यह रही कि कई दुकानदारों और मकान मालिकों ने प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार करने के बजाय अपने हाथों से ही प्रभावित हिस्सा तोडक़र विकास कार्य में सहयोग किया।

महाकाल घाटी मार्ग के चौड़ीकरण में करीब 39 मकान-दुकानों के प्रभावित हिस्से हटाए जा रहे हैं। कहीं दुकान का अगला हिस्सा तो कहीं पुराने मकान का हिस्सा सडक़ की जद में आया है। कई भवन और दुकानें वर्षों पुरानी हैं, लेकिन सिंहस्थ की व्यापक जरूरत और भविष्य की यातायात व्यवस्था को देखते हुए लोग अपने पुराने निर्माण का हिस्सा हटाने के लिए तैयार हो गए। नगर निगम की टीम ने चिह्नित हिस्सों को हटाने की कार्रवाई शुरू की, जिसके बाद सडक़ का दायरा लगातार खुलता नजर आ रहा है। इस चौड़ीकरण की सबसे महत्वपूर्ण तस्वीर यह है कि जिन लोगों की दुकानें और मकान वर्षों पुराने हैं, वे भी विकास कार्य के लिए अपने निर्माण का हिस्सा छोड़ रहे हैं। कई दुकानदारों के लिए दुकान का आगे का हिस्सा ही कारोबार की पहचान और उपयोगी जगह रहा है। इसके बावजूद सिंहस्थ के लिए जरूरी सडक़ चौड़ीकरण को देखते हुए उन्होंने अपने हाथों से प्रभावित हिस्सा हटाया। इससे उन्हें लाखों-करोड़ों रुपए के संपत्ति मूल्य और कारोबार से जुड़े नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में दुकानदारों और मकान मालिकों के सहयोग और हिम्मत की दाद देनी होगी कि उन्होंने व्यक्तिगत नुकसान को पीछे रखते हुए शहर के बड़े आयोजन और भविष्य की यातायात व्यवस्था को प्राथमिकता दी।

कलेक्टर, एसपी और निगम आयुक्त जुटे 

महाकाल क्षेत्र के विकास और सिंहस्थ की तैयारियों को लेकर उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा, महाकाल मंदिर प्रशासन के प्रशासक प्रथम कौशिक और नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा स्तर पर तैयारियों को गंभीरता से आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रशासन और नगर निगम की टीमों के बीच समन्वय के साथ सडक़ चौड़ीकरण, यातायात व्यवस्था और महाकाल क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े कार्यों को गति दी जा रही है। अधिकारियों का फोकस यही है कि सिंहस्थ के दौरान आने वाली विशाल श्रद्धालु संख्या को देखते हुए अभी से जरूरी अधोसंरचना तैयार हो जाए।

महाकाल क्षेत्र में चौड़ी सडक़ की जरूरत

महाकाल मंदिर में सामान्य दिनों में ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। पर्व और विशेष अवसरों पर यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। सिंहस्थ-2028 में संभावित करीब 50 करोड़ श्रद्धालुओं को देखते हुए महाकाल मंदिर के आसपास चौड़ी, व्यवस्थित और सुगम सडक़ें जरूरी मानी जा रही हैं। महाकाल मंदिर से जुड़े प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण का उद्देश्य श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान करने के साथ ही भीड़ के दबाव और यातायात को व्यवस्थित करना है। महाकाल घाटी मार्ग भी इसी व्यापक योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अभी तक सभी समाज चौड़ीकरण के कार्य में सहयोग कर रहे हैं।

सहयोग की मिसाल बन रहे स्थानीय लोग

महाकाल की नगरी में चौड़ीकरण के दौरान सामने आ रही तस्वीर सिर्फ निर्माण हटाने की नहीं, बल्कि शहर के लोगों के सहयोग की भी है। जिन व्यापारियों और परिवारों को अपने पुराने निर्माण का हिस्सा हटाना पड़ रहा है, उनमें से कई स्वयं आगे आकर रास्ता साफ करने में सहयोग कर रहे हैं। कारोबार और संपत्ति का नुकसान सहकर भी वे मान रहे हैं कि सिंहस्थ-2028 केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे शहर की साझा तैयारी है। महाकाल क्षेत्र के इन दुकानदारों का यह सहयोग आने वाले समय में उज्जैन के विकास की बड़ी मिसाल के रूप में देखा जा सकता है।

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