नयी दिल्ली, 01 अक्टूबर (वार्ता) जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (डीडीडब्ल्यूएस) ने प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (डीए-जेजीयूए) के तहत जनजातीय क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता में तेजी लाने के लिए दूसरी समीक्षा एवं समन्वय बैठक आयोजित की। विभाग के सचिव की अध्यक्षता में यहां हुई बैठक में राष्ट्रीय जल जीवन मिशन, जनजातीय कार्य मंत्रालय, राज्यों के ग्रामीण जलापूर्ति/लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभागों, जनजातीय कल्याण विभागों तथा अन्य संबंधित अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
बैठक में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पात्र पीएम-जनमन और डीए-जेजीयूए गांवों में पेयजल कवरेज का लक्ष्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने तथा कोई भी पात्र गांव या बसावट छूटने नहीं देने के निर्देश दिए गए। इसके लिए जलापूर्ति और जनजातीय कल्याण विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया। जल जीवन मिशन 2.0 के तहत पीएम-जनमन और डीए-जेजीयूए गांवों में पेयजल की कमियों को दूर करने के लिए पांच हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बैठक में जनजातीय कल्याण विभागों और जल जीवन मिशन के आंकड़ों का मिलान, बिना कवरेज वाले गांवों और बसावटों की पहचान, तकनीकी रूप से उपयुक्त प्रस्ताव तैयार करने तथा कवरेज का संयुक्त सत्यापन एवं प्रमाणीकरण को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया गया।
डीडीडब्ल्यूएस के सचिव अशोक के.के. मीणा ने कहा कि पीएम-जनमन और डीए-जेजीयूए गांवों की नियमित समीक्षा जिला जल एवं स्वच्छता मिशन (डीडब्ल्यूएसएम) की बैठकों के माध्यम से की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर विभागों के बीच समन्वय, सर्वेक्षण निष्कर्षों के सत्यापन और वास्तविक पेयजल कवरेज की कमियों की पहचान के लिए डीडब्ल्यूएसएम को प्रमुख मंच के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
जनजातीय कार्य मंत्रालय ने परिवार स्तर पर कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) की स्थिति के सत्यापन सहित राज्यवार ‘सर्वेसेतु’ अभ्यास किया है। राज्यों को जलापूर्ति विभाग, जनजातीय कल्याण विभाग और सर्वेक्षण एजेंसी के प्रतिनिधियों के माध्यम से डीडब्ल्यूएसएम के समक्ष ‘सर्वेसेतु’ के निष्कर्ष प्रस्तुत करने को कहा गया है। सर्वेक्षण के दौरान सामने आने वाली विसंगतियों का परामर्श और आवश्यकता पड़ने पर क्षेत्रीय सत्यापन के माध्यम से समाधान करने तथा जिला स्तर पर अंतिम सत्यापित आंकड़ा तैयार करने के निर्देश दिए गए।

