सतना:विंध्य के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले सतना जंक्शन पर यात्रियों को जल्द ही 24 घंटे इमरजेंसी मेडिकल सुविधा मिल सकेगी। रेल प्रशासन की ओर से स्टेशन परिसर में मेडिकल क्लिनिक या चिकित्सा कियोस्क शुरू करने की तैयारी की गई है। इससे सफर के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने, चोट लगने या किसी आपात स्थिति में यात्रियों को स्टेशन पर ही तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
अभी ट्रेन में यात्रा के दौरान किसी यात्री की तबीयत खराब होने पर रेलवे हेल्पलाइन के माध्यम से अगले स्टेशन पर डॉक्टर की व्यवस्था की जाती है। इसके लिए यात्रियों से निर्धारित शुल्क भी लिया जाता है। हालांकि कई बार ट्रेन के स्टेशन पहुंचने के समय डॉक्टर की उपलब्धता नहीं होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए मंडल रेल प्रशासन ने सतना जंक्शन पर स्थायी मेडिकल कियोस्क शुरू करने की पहल की है। रेलवे अधिकारियों के निर्देश पर करीब चार वर्ष पहले स्थानीय रेल अधिकारियों ने स्टेशन परिसर में मेडिकल कियोस्क के लिए स्थान का सर्वे कर जगह निर्धारित की थी। अब इसकी टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है।
प्राथमिक उपचार के साथ मिलेंगी जरूरी दवाइयां
प्रस्तावित कियोस्क पर यात्रियों और उनके परिजनों को 24 घंटे, सातों दिन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध रहेगी। दुर्घटना में घायल यात्रियों या अचानक बीमार पड़ने वाले यात्रियों को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया जाएगा। इसके अलावा आवश्यक दवाइयां भी उपलब्ध रहेंगी। कियोस्क में अनुबंधित अस्पताल के डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ तैनात रहकर सेवाएं देंगे।
पांच साल के लिए होगा अनुबंध
मंडल अधिकारियों के अनुसार मेडिकल सुविधा कियोस्क का टेंडर लगभग अंतिम हो चुका है। इसका अनुबंध 1 अप्रैल 2027 से 31 मार्च 2032 तक प्रभावी रहेगा। टेंडर के माध्यम से रेलवे को करीब 1 लाख 18 हजार 590 रुपये की आय होने की जानकारी दी गई है। मेडिकल कियोस्क शुरू होने के बाद सतना जंक्शन से गुजरने वाले यात्रियों को आपात स्थिति में स्टेशन पर ही तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सकेगी।
