
जबलपुर। समूचे देश में छाई हनुमान अंश फिल्म के मुख्य सह कलाकार 38 वर्षीय भगवान दास पटेल जबलपुर के ग्राम सूरतलाई निवासी ने नवभारत से खास बातचीत करते हुए फिल्म से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि फिल्म की सबसे खासियत यह रही कि श्रीगणेश की आरती, हनुमान चालीसा से शूटिंग की शुरुआत होती थी।
उनका कहना है कि फिल्मी दुनिया में जगह बनाना और तरक्की पाना इतना आसान भी नहीं होता जितना मैं युवा अवस्था में फिल्में, नाटक देखकर कलाकार बन जाने की सोचा करता था, चौदह वर्ष की मेहनत और एक्टिंग की बारीकियां सीखने के कारण आज मुझे गोपाल बहेलिया के नाम से पहचान मिल सकी है। इसी नाम के कैरेक्टर रोल से वह फेमस हुए है। स्कूल, कॉलेज की यादों को ताजा करते हुए उन्होंने बताया कि पढ़ाई के दौरान वह दूरदर्शन चैनल पर टॉक शो, सवालों के जवाब सहित अखबारों, रेडियो चैनल पर कलाकारों के इंटरव्यू देख सुन कर उत्साहित हुआ करते थे और फिल्मों में काम करने की सोचते थे। डीएनजैन कॉलेज में बी कॉम पढ़ाई के दौरान उनके टीचर से मार्गदर्शन मिला। विवेचना रंग मंडल चंचला बाई कॉलेज के अरुण पांडे से थियेटर की शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने बताया कि सूरतलाई में पैतृक रूप से जिस खेत को सिकमी में हम लोग लेते थे, वहां आज थियेटर बन गया और मैंने अपनी इस चर्चित फिल्म को वहीं गांव वालों के साथ बैठकर देखा जिससे सुखद अनुभूति हुई। आज भी मुझे अपने शहर, गांव से बहुत लगाव है।
2012 में सिलेक्शन, 15 फिल्मों में काम-
एक्टर भगवानदास ने बताया कि नाटक मंचन से प्राप्त ट्रेनिंग वास्तविक अभिनय करना, समाज से जोडऩा सिखाती है, ऐसे रोल अपने आपको समझना, ढालना सिखाता है। जबलपुर में सीखने, समझने के बाद दो वर्ष अभिनय की प्रोफेशनल ट्रेनिंग लखनऊ के भारतेन्दु नाटक एकेडमी से ली। फिर पुणे जाकर तीन महीने फिल्मों की विस्तार से जानकारी ली। 2012 में एक नाटक में सिलेक्शन हुआ उसके बाद पांच सीरियल और कटहल, रंगबाज जैसी प्रमुख 15 फिल्मों में काम किया। फिल्मी दुनिया की यात्रा जारी रही तभी नीम करौली बाबा जी की स्टोरी पर म्यूजिशियन डॉक्टर विशाल चतुर्वेदी की लिखी और डायरेक्शन फिल्म प्रोजेक्ट तैयार हुआ। यहां जबलपुर का होने के कारण बुंदेली भाषा मजबूत थी, महेंद्र श्रीवास ने उन्हें हनुमान अंश फिल्म गोपाल नामक कैरेक्टर के लिए रिकमंड किया।
दो करोड़ से कम बजट, फिल्म 24 दिन में पूर्ण-
भगवानदास ने चर्चा के दौरान बताया कि दो करोड़ से कम बजट की यह फिल्म 24 दिन में पूर्ण हो गई। अब तक चार सौ करोड़ के पार का आयाम छू चुकी है। हनुमान अंश फिल्म के मुख्य सह कलाकार भगवान दास पटेल अविवाहित हैं उनके परिवार में तीन भाई,तीन बहन और सेवानिवृत्त पिता हैं।
अचानक आ गई बैलगाड़ी
उन्होंने चर्चा के दौरान बताया कि परसोंजा चित्रकूट में शूटिंग लेट हो जाने से रात 9 बज गए। एक दृश्य ऐसा था जिसमें लगा कि बैलगाड़ी होती तो शूट और अच्छा होता, पर रात में इंतजाम मुश्किल था। आश्चर्य जनक रूप से कुछ देर में बहुत पुरानी बैलगाड़ी अपने आप आ जाती है, जो फिल्म से बहुत मैच करती है और शूटिंग के बाद अपने आप चली जाती है। हैरान करने वाली दूसरी बात यह रही कि हनुमान जी की मूर्ति निर्माण , स्थापना के विधिवत दृश्य का जब फिल्माकंन हो रहा था तब दूर एक वृक्ष पर बैठा लंगूर पूरी शूटिंग देखता रहता था।
