मार्कशीट में कथित छेड़छाड़ कर सेकंड ईयर की परीक्षा देने का मामला

इंदौर:सीएम हेल्पलाइन पर पहुंची एक शिकायत की जांच में परीक्षा व्यवस्था से जुड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया है. एक छात्रा ने अपनी मार्कशीट में कथित तौर पर इंटरनेट के माध्यम से बदलाव कर उसे कॉलेज में जमा किया और उसी के आधार पर सेकंड ईयर की परीक्षा के लिए अपना फॉर्म स्वीकृत करा लिया. जबकि नियमानुसार उसे फर्स्ट ईयर की सप्लीमेंट्री परीक्षा देनी थी.

मामला तब सामने आया, जब परीक्षा केंद्र पर छात्रा के रिकॉर्ड और परीक्षा परिणाम से संबंधित जानकारी की जांच की गई. अधिकारियों के अनुसार छात्रा का वास्तविक डेटा सिस्टम में अपलोड नहीं हुआ था. इसके बावजूद वह सेकंड ईयर के लिए पात्र दिखाई दे रही थी. शिकायत की जांच के दौरान कॉलेज में जमा की गई मार्कशीट का मिलान किया गया तो उसमें कथित छेड़छाड़ सामने आई.

सिस्टम ने रोका, जांच में सामने आई हकीकत
शिक्षा अधिकारी विष्णु नारायण शर्मा के मुताबिक परीक्षा प्रक्रिया का रिकॉर्ड सिस्टम में सुरक्षित है और पात्रता का निर्धारण उपलब्ध शैक्षणिक रिकॉर्ड के आधार पर किया जाता है. इसी प्रक्रिया में छात्रा की वास्तविक स्थिति सामने आई और उसे आगे की परीक्षा प्रक्रिया में रोक दिया गया. विष्णु नारायण शर्मा ने बताया कि छात्रा को नियमानुसार फर्स्ट ईयर की सप्लीमेंट्री परीक्षा देनी थी, लेकिन दस्तावेज में बदलाव कर उसने सेकंड ईयर की परीक्षा के लिए पात्रता हासिल करने का प्रयास किया. अब उसकी सेकंड ईयर की परीक्षा की वैधता पर सवाल खड़ा हो गया है. नियमों के अनुसार उसे आगे फर्स्ट ईयर की परीक्षा प्रक्रिया पूरी करनी पड़ सकती है.

उल्टा सीएम हेल्पलाइन में कर दी शिकायत
मामले का दिलचस्प पहलू यह है कि जिस छात्रा ने कथित तौर पर गलत दस्तावेज के आधार पर सेकंड ईयर की पात्रता हासिल करने की कोशिश की, उसी ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत कर दी कि उसे सेकंड ईयर में पास नहीं किया जा रहा है. शिकायत की जांच के दौरान जब उसके दस्तावेज और पात्रता की वास्तविक स्थिति सामने आई तो पूरा मामला स्पष्ट हुआ.

कॉलेज से मांगा जा रहा जवाब
अब विश्वविद्यालय/परीक्षा विभाग ने संबंधित महाविद्यालय को पत्र लिखकर जवाब मांगा है. अधिकारियों का कहना है कि कॉलेज ने छात्रा का सेकंड ईयर का परीक्षा फॉर्म किस आधार पर अग्रेषित किया और क्या ऑनलाइन दस्तावेजों का नियमानुसार सत्यापन किया गया था, इसकी जानकारी मांगी जा रही है. अधिकारी के अनुसार कॉलेज का जवाब मिलने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. छात्रा की ओर से कथित दस्तावेज में हेरफेर को लेकर भी नियमानुसार कार्रवाई की संभावना है.

जांच में दो स्तर पर उठे सवाल
इस मामले ने परीक्षा प्रक्रिया में दस्तावेज सत्यापन को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. एक ओर छात्रा द्वारा कथित तौर पर गलत दस्तावेज जमा करने की बात सामने आई है, वहीं दूसरी ओर संबंधित कॉलेज द्वारा उस दस्तावेज के आधार पर परीक्षा फॉर्म अग्रेषित किए जाने की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में है. अब कॉलेज के जवाब के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दस्तावेज का सत्यापन किस स्तर पर हुआ और जिम्मेदारी किसकी तय होती है.

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