जबलपुर: महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय में पढ़ाई के लिए गया बेटे लापता हो गया। बेटे की तलाश किये जाने की मांग करते हुए पीड़ित मां की तरफ से हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की गयी थी। हाईकोर्ट जस्टिस अल्पेश वाई कोगजे तथा जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने पुलिस को लापता युवक की तलाश कर न्यायालय के समक्ष पेश करने के आदेश जारी किये है।
उमरिया पान निवासी सुधा रानी पांडे की तरफ से दायर की गयी बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में कहा गया था कि उसके बेटे पुष्पेंद्र पांडे उम्र 25 ने वैदिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए करौंदी कटनी स्थित महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय में दाखिला लिया था। उसकी अंतिम बार मोबाइल पर 23 अगस्त को बेटे से बात हुई थी। इसके बाद फोन लगाने पर दीपक साहू व गणेश नामक व्यक्तियों के द्वारा मोबाइल फोन उठाया गया। उनके द्वारा पुष्पेन्द्र को अध्ययन के लिए मैहर सहित अन्य में भेजने की जानकारी दी गयी।
विश्वविद्यालय जाकर बेटे के संबंध में पतासाजी करने पर उसके संबंध में कोई जानकारी नही मिली और उससे बात भी नही करायी गयी। जिसके बाद उसके बेटे के लापता होने की रिपोर्ट थाने में दर्ज करवाई। पुलिस के द्वारा बेटे की तलाष करने में लापरवाही बरती जा रही है। अभी तक उसके बेटे का कोई सुराग नही मिल पाया है। युगल पीठ ने याचिका की सुनवाई करते के बाद सभी अनावेदकों को नोटिस जारी करते हुए लापता युवक को पेश करने के निर्देश कटनी पुलिस को जारी किये है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता सुनील कुमार सिंह व अमित खत्री ने की।
