नासिक, (वार्ता) महाराष्ट्र के नासिक जिला प्रशासन ने वर्ष 2026-27 सीजन के दौरान प्याज खरीद प्रक्रिया में अनियमितताओं और कुप्रबंधन के संबंध में प्याज उत्पादक किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), व्यापारियों और अन्य हितधारकों से लिखित शिकायतें आमंत्रित की हैं।
महाराष्ट्र सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने 29 सितंबर 2026 के एक शासन निर्णय (जीआर) के तहत नासिक के जिलाधिकारी आयुष प्रसाद की अध्यक्षता में एक जांच समिति का गठन किया है।
यह खरीद प्रक्रिया केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) योजना के तहत केंद्रीय नोडल एजेंसियों- नेफेड और एनसीसीएफ के माध्यम से संचालित की जा रही है।
जनप्रतिनिधियों, किसानों और किसान उत्पादक संगठनों से मिली अनियमितताओं की शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया है। यह समिति आरोपों की निष्पक्ष जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की सिफारिश करेगी।
समिति में संबंधित उप-विभागीय अधिकारी, संबंधित तहसीलदार, जिलाधिकारी द्वारा नामांकित व्यक्ति और सहकारी समितियों के जिला उप-पंजीयक (डीडीआर) शामिल हैं, जो इसके सदस्य सचिव होंगे।
प्रशासन ने प्याज खरीद में गड़बड़ी या कुप्रबंधन से संबंधित जानकारी रखने वाले सभी हितधारकों से आग्रह किया है कि वे एक सप्ताह के भीतर प्रासंगिक साक्ष्यों और दस्तावेजों के साथ जिला उप-पंजीयक कार्यालय में अपनी शिकायतें दर्ज करायें। जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने सभी संबंधित पक्षों से तय समय सीमा में अपनी बात रखने की अपील की है।
