गुवाहाटी, (वार्ता) वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की मौजूदा घरेलू वनडे सीरीज़ का इस्तेमाल अलग-अलग कॉम्बिनेशन आज़माने और युवा खिलाड़ियों को परखने के लिए किया जा रहा है, क्योंकि टीम दक्षिण अफ्रीका में होने वाले 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी शुरू कर रही है।
एशियाई खेलों के भी साथ-साथ चलने के कारण, भारत को अलग-अलग टूर्नामेंट के लिए कई टीमें बनानी पड़ी हैं। स्पिन बॉलिंग कोच सैराज बहुतुले का मानना है कि देश में खिलाड़ियों की अच्छी-खासी संख्या होने की वजह से मैनेजमेंट खिलाड़ियों को सही तरीके से बांट पाया है और साथ ही युवाओं को ज़रूरी अनुभव भी दे पाया है।
बहुतुले ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे वनडे से पहले मंगलवार को कहा, “अलग-अलग जगहों पर एक साथ टूर्नामेंट होने की वजह से सही टीमें बनाना निश्चित रूप से एक चुनौती है। हालांकि, मेरा मानना है कि हमने सही खिलाड़ियों को चुनने और उन्हें उसी हिसाब से बांटने का शानदार काम किया है।”
उन्होंने आगे कहा, “एशियाई खेल भी किसी अन्य टूर्नामेंट जितने ही महत्वपूर्ण हैं और घरेलू सीरीज़ भी उतनी ही अहम है। हर खिलाड़ी को अच्छा प्रदर्शन करने और अपनी काबिलियत दिखाने का मौका मिलता है। भले ही बारिश ने एशियाई खेलों को प्रभावित किया हो, लेकिन यहां भारत में युवाओं को ज़रूरी अनुभव मिल रहा है। इन मैचों से हमें यह समझने में मदद मिलती है कि खिलाड़ी दबाव का सामना कैसे करते हैं और जैसे-जैसे सीरीज़ आगे बढ़ती है, हम यह पहचान सकते हैं कि भविष्य की टीमों के लिए कौन सही रहेगा।”
इस सीरीज़ ने भारत को बॉलिंग कॉम्बिनेशन के साथ प्रयोग करने और अलग-अलग भूमिकाओं में खिलाड़ियों को परखने का मौका भी दिया है। बहुतुले ने कहा, “इस तरह की सीरीज़ हमें अलग-अलग कॉम्बिनेशन के साथ प्रयोग करने का मौका देती हैं। हम यह देख सकते हैं कि कौन से गेंदबाज पारी के अलग-अलग चरणों में असरदार हैं। नितीश कुमार रेड्डी को नई गेंद देने के पीछे यही सोच थी। वह एक बेहतरीन गेंदबाज हैं और बल्ले से भी योगदान दे सकते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “पूरी सीरीज़ के दौरान, हम अलग-अलग विकल्प आज़मा सकते हैं, जिसमें गुरनूर (बरार) जैसे गेंदबाजों को नई गेंद देना भी शामिल है। यह समझना ज़रूरी है कि युवा खिलाड़ी कैसी प्रतिक्रिया देते हैं क्योंकि यह टीम अभी बदलाव के दौर से गुज़र रही है। उन्हें परखने के लिए घरेलू सीरीज़ से बेहतर कोई मौका नहीं हो सकता।” कुलदीप अब भी मैच जिताने वाले खिलाड़ी हैं
बहुतुले ने कुलदीप यादव का भी समर्थन किया और इस बाएं हाथ के रिस्ट-स्पिनर की तैयारी और मैच पर असर डालने की उनकी काबिलियत पर ज़ोर दिया। “कुलदीप हमेशा से भारत के लिए मैच जिताने वाले खिलाड़ी रहे हैं। उनका प्रदर्शन और आंकड़े खुद ही सब कुछ बयां करते हैं। वह अपने खेल पर बहुत मेहनत करते हैं और हमेशा सुधार करने की कोशिश में रहते हैं। जब भी उन्हें लगता है कि उन्हें किसी खास पहलू पर काम करने की ज़रूरत है, तो वह नेट्स में ज़्यादा समय बिताते हैं।
उन्होंने धीरे-धीरे बदल रही टीम में अनुभवी खिलाड़ियों विराट कोहली और रवींद्र जडेजा की अहमियत पर भी ज़ोर दिया।”विराट ऐसे खिलाड़ी हैं जो हर सीरीज़ और हर मैच के साथ बेहतर होते जाते हैं। इतनी सफलता पाने के बावजूद, वह हमेशा सुधार करने की कोशिश करते हैं, जो वाकई काबिले-तारीफ़ है। रोहित शर्मा के साथ मिलकर वह टीम को बहुत अनुभव देते हैं। युवा खिलाड़ियों को उनसे बातचीत करने और उनके अनुभवों से सीखने का बहुत फ़ायदा मिलता है। फ़िटनेस के प्रति विराट का समर्पण और लगातार बेहतर बनने की कोशिश न सिर्फ़ ड्रेसिंग रूम के खिलाड़ियों के लिए, बल्कि देश भर के क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा है।”
जडेजा के बारे में बहुतुले ने कहा, “मेरे लिए, जडेजा हमेशा से एक उपयोगी खिलाड़ी रहे हैं। वह बल्ले और गेंद दोनों से योगदान देते हैं और पिछले छह महीनों में एक बॉलर के तौर पर उन्होंने काफ़ी सुधार किया है। उन्होंने श्रीलंका में टेस्ट मैचों के दौरान बहुत अच्छी बॉलिंग की और इस वनडे सीरीज़ की भी अच्छी शुरुआत की है। अक्षर पटेल के भी टीम में होने से, आने वाली सीरीज़ हमें यह समझने में मदद करेगी कि कौन सबसे अच्छा बैलेंस और उपयोगिता देता है। जडेजा का अनुभव और ऑल-राउंड हुनर उन्हें एक कीमती खिलाड़ी बनाता है।”
भारत 2027 वर्ल्ड कप से पहले दक्षिण अफ़्रीका की परिस्थितियों को भी ध्यान में रख रहा है। बहुतुले ने ज़ोर देकर कहा कि टीम मैनेजमेंट सोच-समझकर ऐसा सही कॉम्बिनेशन बनाने की कोशिश कर रहा है जो उन परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन कर सके।
