जबलपुर: स्तन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की समय पर पहचान को लेकर जबलपुर में अब स्वास्थ्य सुविधाओं को नई मजबूती मिलने जा रही हैं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस चिकित्सा महाविद्यालय (एनएससीबी) और नॉर्डर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल), सिंगरौली के बीच 3 करोड़ रुपये की सामाजिक दायित्व निधि की परियोजना के लिए समझौता किया गया है। इस पहल से स्तन कैंसर की रोकथाम के लिए हर महिला को आवश्यक जांच-परामर्श भी स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगा।
अक्सर देखा गया है, ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं ऐसे नजदीक से जांच की सेवाओं से वंचित हो जाती थीं। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
जानकारी के अनुसार विशेषताओं की टीम क्षेत्रों में पहुंचकर महिलाओं की स्क्रीनिंग करेगी जिससे बीमारी की शुरुआती पहचान में मदद मिल सकेगी।
लोगो को किया जाएगा जागरूक
स्तन कैंसर के मामलों में समय पर पहचान बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में इस परियोजना के जरिए गांवों की पहुंच समूहों और महिलाओं को शुरुआती स्तर पर चिकित्सकीय परामर्श, आवश्यक जांचें एवं जागरूकता शिविर तक ले जाने की योजना हैं। साथ ही विभिन्न प्रशिक्षण सत्र, जन-जागरूकता अभियान और परीक्षण शिविर आयोजित कर लोगों को समय पर जांच के लिए प्रेरित किया जाएगा।
विशेषज्ञों के नेतृत्व में आगे बढ़ेगी परियोजना
यह पहल एनएससीबी मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता नवनीत सक्सेना और एनसीएल के महाप्रबंधक राजीव के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आगे बढ़ेगी। परियोजना में सामुदायिक विकास परियोजना प्रबंधन भारत शासन तथा स्वास्थ्य शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय , सिंगरौली के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जितेद्र खरे का सहयोग रहेगा। मंगलवार सुबह 11 बजे एनएससीबी मेडिकल कॉलेज में अधिष्ठाता कार्यालय स्थित सभागार में समझौता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
3 करोड़ की परियोजना, लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा महिलाओं तक पहुंच
मेडिकल डीन डॉक्टर नवनीत सक्सेना ने बताया कि ये नई पहल बहुत कारगर साबित होने वाली है। तीन करोड़ रुपये की यह परियोजना केवल अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जांच उपकरणों को समुदाय स्तर पर भी ले जाने की दिशा में काम करेगी। वरिष्ठ स्तन कैंसर जांच के जरिए अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंच बनाने और स्तन कैंसर की शुरुआती पहचान को प्राथमिकता देने का प्रयास किया जाएगा। यह पहल जबलपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में स्तन कैंसर की जांच में मददगार साबित होगी।
