वेतन और मेडिकल लीव का रिम्बर्समेंट कर्मचारी की संपत्ति : हाईकोर्ट

जबलपुर:हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने अपने अहम आदेश में कहा है कि वेतन और मेडिकल लीव का रिम्बर्समेंट कर्मचारी की संपत्ति है। एकलपीठ ने याचिकाकर्ता कर्मचारी के मेडिकल लीव लेने के कारण उसके वेतन से काटी गयी राशि का 60 दिनों में भुगतान करने के निर्देश जारी किये।बुरहानपुर निवासी प्रसाद बारवे की तरफ से दायर की गयी याचिका में कहा गया था कि पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में कार्यरत है। वह 30 मई 2009 से 8 सितम्बर 2009 तक मेडिकल कारणों से अनुपस्थित था।

निर्धारित फॉर्मेट में मेडिकल लीव के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट के साथ आवेदन किया था। इसके बावजूद भी उक्त अवधि की वेतन राशि की कटौती के आदेश जारी कर दिये गये। उसकी तरफ से पेश किये गये मेडिकल सर्टिफिकेट पर कोई सवाल नहीं उठाया गया और मेडिकल बोर्ड से जांच भी नहीं कराई गई। इसके बावजूद भी उसे सुनवाई के अवसर दिये बिना ही वेतन राशि में कटौती के आदेश जारी करना गलत है।

एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि वेतन और मेडिकल लीव का रिम्बर्समेंट कर्मचारी की संपत्ति है। जब तक विभागीय जांच में यह साबित न हो जाए कि मेडिकल आधार पर भी कर्मचारी की अनुपस्थिति अनधिकृत थी। निष्कर्ष दर्ज किए बिना याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जा सकती। एकलपीठ ने वेतन कटौती के आदेश को निरस्त करते हुए 60 दिनों में उक्त अवधि की अनुपस्थिति को स्वीकार्य छुट्टी मानते हुए संबंधित प्राधिकरण को आदेश जारी करने के निर्देश जारी किये।

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