
जबलपुर, सांकेतिक भाषा सप्ताह के अवसर पर म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर में श्रवण एवं वाक् बाधित बच्चों के लिए अनुगूँज से उद्घोष एक दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य न्यायाधिपति एवं मुख्य संरक्षक म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण न्यायमूर्ति अल्पेश यशवंत कोगजे ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की संभावित सीमा उसकी योग्यता या क्षमता की पहचान नहीं बननी चाहिए। उन्होंने बच्चों को दृढ़ संकल्प, अनुशासित आदतों और अपनी क्षमताओं पर विश्वास के साथ चुनौतियों से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति विवेक रूसिया ने शिक्षा, रोजगार, न्याय तक पहुंच और सुगम संचार को सशक्तिकरण का प्रमुख आधार बताते हुए प्रशिक्षित सांकेतिक भाषा दुभाषियों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने ग्वालियर के एक प्रकरण का उदाहरण देते हुए बताया कि सांकेतिक भाषा दुभाषियों की मदद से श्रवण एवं वाक् बाधित दंपती के वैवाहिक विवाद का मध्यस्थता से समाधान हुआ और बाद में उन्हें आजीविका के लिए उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ परिसर में कैफे संचालन में सहयोग दिया गया।
बच्चे समाज का अभिन्न अंग
न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल, न्यायाधिपति, म.प्र. उच्च न्यायालय ने कहा कि श्रवण एवं वाक् बाधित बच्चों को समाज का अभिन्न अंग मानते हुए उन्हें समान सहभागी बनाया जाना चाहिए। उन्होंने श्रवण संबंधी समस्याओं की शीघ्र पहचान, प्रारंभिक हस्तक्षेप, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों की रुचि के अनुसार प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि रोजगार एवं स्वतंत्र आजीविका के रास्ते खुल सकें। कार्यक्रम में विधिक अधिकार, न्याय तक पहुंच, भावनात्मक स्वास्थ्य, कैरियर मार्गदर्शन, बच्चों के विरुद्ध हिंसा की रोकथाम, डिजिटल सुरक्षा, साइबर जागरूकता और सांकेतिक भाषा आधारित गतिविधियों पर संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए। इस दौरान ‘मेरी आवाज सुनो’ वीडियो का अनावरण किया गया तथा उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
इनकी रही उपस्थिति
कार्यक्रम में श्री कृष्णमूर्ति मिश्रा, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जबलपुर, श्री उमेश पाण्डव, निदेशक, म.प्र. राज्य न्यायिक अकादमी, न्यायिक अकादमी के अधिकारीगण तथा म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्री अनिरुद्ध जैन, उप सचिव, म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं श्री प्रदीप ठाकुर, जिला विधिक सहायता अधिकारी ने किया। अंत में सुश्री सुमन श्रीवास्तव, सदस्य सचिव, म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने आभार व्यक्त किया।
