
उज्जैन. मंगलवार को भी शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्सों को तोड़ने की प्रक्रिया जारी रही. वहीं लोहे का मचान भी नीचे बनाया गया ताकि दीवार के बाद मीनार को नीचे उतारा जा सके इसके लिए तेजी से सुबह से शाम तक प्रक्रिया चलती रही. आसपास के क्षेत्र में अघोषित कर्फ्यू जैसा माहौल है.
सोमवार को जहां क्षेत्र में तनाव के चलते स्कूलों की जल्दी छुट्टी कर दी गई, और परिजन बच्चों को स्वयं स्कूल से घर लेकर आए. वहीं मंगलवार को स्कूल तो लगे, मगर दुकानें नहीं खुल पाई. स्कूली ऑटो को पुलिस ने जगह देते हुए बैरिकेडस हटाए और छोटे स्कूली बच्चों से टाटा बाय-बाय करते उन्हें दुलार किया.
तुड़ाई मे 5 से 7 दिन लगेंगे
शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से की बात करें तो अंत तक कितना हटाया जाएगा इसका खुलासा जिला प्रशासन नगर निगम द्वारा नहीं किया गया है. पूर्व में 15 फीट और उसके बाद में 11 फीट हिस्सा हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी और नोटिस वितरित किए गए थे. तब से अब तक विवाद बढ़ रहा था इसलिए अभी सभी का फोकस इस पर है कि शांति बनी रहे हालांकि मस्जिद के प्रभावित हिस्सों की पूरी तोड़ाई करने में 5 से 7 दिन लगेंगे.
आसपास दुकान नहीं खोल रहे
गोपाल मंदिर, छत्री चौक शाही मस्जिद, राम प्रसाद भार्गव मार्ग, ढाबा रोड केडी गेट कमरी मार्ग, पटनी बाजार आदि क्षेत्रों में अघोषित कर्फ्यू जैसी स्थिति बन गई है. इस क्षेत्र के लोग दुकान नहीं खोल पा रहे हैं और बिना काम से आने-जाने की भी मनाही है. दूध वाले, सब्जी वाले भी नहीं पहुंच पा रहे हैं, पूरे इलाके में बैरिकेट्स से सुरक्षा का परकोटा बना दिया गया है. चप्पे चप्पे पर पुलिस सुरक्षा लगी हुई है.
सुप्रीम कोर्ट के लिए चर्चा
इंदौर की मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की डबल बेंच ने उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के लिए शाही मस्जिद का एक हिस्सा हटाने के खç¸लाफ़ दायर रिट याचिका ख़ारिज कर दी है. इसके साथ ही उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया जारी रहेगी. इधर, बड़े-बड़े वकीलों से इंदौर, उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर और दिल्ली में संपर्क किया जा रहा है और कोशिश की जा रही है कि उज्जैन शाही मस्जिद का केस सुप्रीम कोर्ट पहुंच जाए और वहां से राहत मिले.
मास्टर प्लान के हिसाब से चौड़ीकरण
नवभारत से चर्चा में उज्जैन के कलेक्टर रोशन सिंह ने कहा सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के लिए मास्टर प्लान के मुताबिक¸ सड़कों के चौड़ीकरण और दूसरे निर्माण कार्य चल रहे हैं. सभी धर्म और समुदाय के लोग अपनी इच्छा से इसमें सहयोग कर रहे हैं.
प्रशासन और मस्जिद कमेटी में समन्वय
शहर क¸ाज़ी खलीक उर रहमान ने बताया मस्जिद कमेटी और जिला प्रशासन के बीच रविवार रात हुई बातचीत के बाद कमेटी ने उस हिस्से को खुद हटाने का फैसला किया है. कुछ लोग अफ़वाहों की वजह से गुस्से में हैं. इस वजह से थोड़ी झड़प भी हुई अभी स्थिति सामान्य है.
मस्जिद कमेटी के वकील क्या बोले ….
मस्जिद कमेटी की तरफ से पैरवी कर रहे अधिवक्ता अज़हर वारसी ने बताया कि इससे पहले 9 सितंबर को सिंगल बेंच ने याचिका पर आदेश जारी किया था. उस आदेश में मास्टर प्लान के अनुरूप कार्रवाई और उसके पालन की बात कही गई थी. इसके बाद कमेटी की ओर से डिवीजन बेंच में रिट अपील दायर की गई. जहां से स्टे ख़ारिज हुआ और अब मुस्लिम समुदाय मस्जिद प्रबंध कमेटी के साथ मिलकर अपने हाथों से प्रभावित हिस्से को जिला प्रशासन से हुई बातचीत के आधार पर हटा रहा है.
