
दमोह। कलेक्टर के कुशल निर्देशन में विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर जिला पशु चिकित्सालय, प्रोफेसर कॉलोनी में आयोजित विशाल निःशुल्क एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन कैंप भारी जन-सहयोग के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
शिविर में डॉग, बिल्ली, गाय और बकरी समेत कुल 85 पशुओं का टीकाकरण कर उन्हें इस जानलेवा बीमारी से सुरक्षित किया गया। इस पुनीत कार्य में दमोह जिले की एनजीओ काल भैरव फाउंडेशन ने भी सराहनीय भूमिका निभाते हुए कई आवारा कुत्तों को पकड़कर उनका वैक्सीनेशन कराया।
इस विशेष अवसर पर पशु चिकित्सालय परिसर को हरा-भरा और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से काल भैरव फाउंडेशन के सहयोग से परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया।
उपस्थित अधिकारियों, डॉक्टरों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मिलकर पौधे रोपे और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इसके साथ ही, समाज में इस जानलेवा बीमारी के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए दमोह के विभिन्न विद्यालयों में सघन रेबीज़ जागरूकता अभियान भी चलाया गया। इस अभियान के तहत विद्यार्थियों को रेबीज़ के संक्रमण, लक्षण, बचाव और पशुओं के साथ मानवीय व्यवहार रखने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं और उन्हें अपने आसपास के पशुपालकों को जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
शिविर का आयोजन पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उपसंचालक डॉ. के.पी. कुर्मी और सिविल सर्जन डॉ. विपिन बिहारी शुक्ला के विशेष मार्गदर्शन व उपस्थिति में किया गया। इस दौरान पशु चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और डॉक्टरों का विशेष सहयोग रहा, जिसमें जिला पशु प्रजनन अधिकारी डॉ. महेंद्र पटेल, डॉ. रवि ठाकुर, डॉ. आकाश सुमन, डॉ. सीमा और डॉ. गोविंद प्रसाद चौधरी शामिल थे। इसके साथ ही विभाग के कर्मठ स्टाफ संजय दुबे, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी सत्यम मिश्रा, नवीन और ज़फ़र ने भी शिविर की व्यवस्थाओं को संभालने में सक्रिय योगदान दिया।
कार्यक्रम में स्थानीय जनमानस और पशुपालकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। डॉक्टरों की टीम ने दमोह शहर के विधालयो में उपस्थित होकर छात्रों को जागरूक करते हुए बताया कि रेबीज एक बेहद खतरनाक और जानलेवा वायरस है, जिससे बचाव का एकमात्र सटीक उपाय समय पर टीकाकरण ही है।
कलेक्टर महोदय के मार्गदर्शन, काल भैरव फाउंडेशन के स्वयंसेवकों और आम जनता के इस सामूहिक, शैक्षणिक व पर्यावरण-हितैषी प्रयास की पूरे जिले में सराहना हो रही है। इस सफल कैंप ने दमोह को रेबीज-मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा और प्रभावी कदम बढ़ाया है।
