जिस रास्ते से आए थे उसी मार्ग से वापस लौटने लगे गजराज

सतना : उमरिया जिले के बांधवगढ़ राष्ट्रीय पार्क से भटककर मैहर जिले के रामनगर क्षेत्र में पहुंचे गजराज 22 दिन बिताने के बाद स्वयं ही वापस लौटने लगे. जिस रास्ते से बाणसागर का बांध पार कर वे यहां पहुंचे थे, उसी मार्ग से अब वे वापस लौट रहे हैं. हलांकि हाथी को रेस्क्यू कर वापस भेजने के लिए वन अमला और प्रशिक्षित कुमियों का दल लगातार प्रयास कर रहा था. लेकिन सारी कवायद तब तक धरी की धरी रही जब तक कि हाथी ने स्वयं वापस लौटने का मन नहीं बनाया.प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले 22 दिनों से मैहर जिले के रामनगर क्षेत्र में विचरण कर रहे गजराज बाणसागर बांध का लगभग 4 किमी का क्षेत्र तैरकर पार करने के बाद सरसी आइसलैंड पहुंच गए. हलांकि लंबी दूरी तक तैरने के बाद गजराज काफी देर तक आराम फरमाते नजर आए.

लेकिन उनके मूवमेंट को देखते हुए यह संभावना प्रबल हो चुकी है कि अब वे बांधवगढ़ के जंगल में वापस लौट जाएंगे. मामले का कबिलेगौर पहलू यह भी रहा कि जिस रास्ते से होते हुए हाथी मैहर के रामनगर क्षेत्र में पहुंचा था, उसी मार्ग का अनुसरण करते हुए वह वापस लौट रहा है. जिसे देखते हुए वन विभाग की टीम और कुमियों का दल हाथी के मूवमेंट पर बारीकी से नजर रख रहा है.गौरतलब है कि बांधवगढ़ के जंगल से भटककर 17 वर्षीय नर हाथी ई-5 सी-4 मैहर जिले के रामनगर क्षेत्र में 6 सितंबर को प्रवेश कर गया था. प्रवेश करने के बाद हाथी ने जमकर उत्पात मचाना शुरु कर दिया. जिसके चलते रामनगर की पुरैना पंचायत में अधेड़ किसान कंछेदी यादव की हाथ्ी की चपेट में आने से मौत हो गई थी.

इतना ही नहीं बल्कि 2 घरों को नुकसान पहुंचा, जिसमें आधा दर्जंन बकरियां दब गई थीं. जिसके बाद हाथ कभी खेत तो कभी बस्तियों की ओर रुख करने लगा. जिसके चलते इलाके में भारी दहशत फैल गई. हलांकि वन अमले द्वारा लगातार निगरानी की जा रही थी. लेकिन इसके बावजूद भी हाथी पर किसी का बस चलता नजर नहीं आ रहा था. मामले की गंभीरता को देखते हुए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व कुमियों का दल भी बुलाया गया. लेकिन वन विभाग की टीम आधा दर्जन हाथी और कुमियों के दल सहित तकरीबन डेढ़ सौ लोगों के द्वारा की जाने वाली कड़ी मशक्कत के बावजूद किसी तरह की सफलता नहीं मिली और हाथी रामनगर क्षेत्र में गोरसरी पहाड़ी से लेकर आस पास के क्षेत्र में विचरण करता रहा. वहीं 5 दिन पहले चलाया गया रेस्क्यू ऑपरेशन भी नाकाफी साबित हुआ.
हमेशा बनी रहेगी संभावना
पिछले 22 दिनों से विचरण कर रहा हाथी जब रविवार की रात रामनगर की रिहायशी बस्ती तक पहुंच गया तो आमजन सहित वन अमले के भी हाथ-पैर फूल गए थे. हलांकि पहले से ही सतर्कता बरतने की अपील के चलते कोई हानि नहीं हुई और कुछ घंटे बिताने के बाद हाथ वापस गोरसरी पहाड़ की ओर वापस लौट गया. लेकिन इस घटना ने लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए. इससे पहले कि रेस्क्यू करने के लिए कोई और कदम उठाए जाते, हाथी ने स्वयं ही वापस लौटने का मन बना लिया. जानकारों के अनुसार वैसे तो हाथी बांधवगढ़ के जंगल की ओर जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद भी वहां से उसके वापस लौटने की संभावनाएं हमेशा बनी रहेंगी

Next Post

संपत्तिकर वसूली अभियान में आई तेजी एक दिन में 25 लाख रुपये की वसूली

Tue Sep 29 , 2026
सतना: नगर पालिक निगम सतना द्वारा संपत्तिकर वसूली अभियान लगातार जारी है। आयुक्त डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा के निर्देशन में राजस्व अमला बकाया संपत्तिकर की वसूली में सक्रियता से जुटा है। इसी कड़ी में सोमवार को अभियान के तहत एक दिन में 25 लाख रुपये की संपत्तिकर वसूली की गई।जनसंपर्क […]

You May Like