सतना : चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर बीजेपी ने पलटवार किया है. सोमवार को जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में महापौर योगेश ताम्रकार ने कांग्रेस के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष केवल जनता के बीच भ्रम फैलाने का काम कर रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव हमेशा जनता के बीच जाकर उनकी सेवा करने और बेहतर नीतियों के आधार पर जीते जाते हैं न कि चुनाव आयोग जैसी गरिमामयी संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास पैदा करके.
महापौर श्री ताम्रकार पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि फॉर्म-6 और मतदाता सूची की शुद्धता पर कांग्रेस के आरोपों का सिलसिलेवार खंडन करते हुए आधिकारिक दस्तावेजों का हवाला दिया. उन्होंने बताया कि 26 सितंबर को चुनाव आयोग की बैठक में यह पूरी तरह से स्पष्ट हो चुका है कि देश भर में चल रही एसआईआर की प्रक्रिया किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों का सर्वसम्मत निर्णय है. इसके अलावा 27 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट भी फॉर्म-6 से जुड़े डिक्लेरेशन को पूरी तरह वैध ठहरा चुका है. कांग्रेस द्वारा आयोग के आईटी सिस्टम (एसिनेट) की पारदर्शिता पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए महापौर श्री ताम्रकार ने कहा कि सिस्टम की सुरक्षा और नियमों के पालन की जांच के लिए आईआईटी विशेषज्ञों की एक स्वतंत्र समिति पहले ही गठित की जा चुकी है. उन्होंने चुनाव आयोग के एक अधिकारी के डेपुटेशन के मामले को भी महज एक सामान्य प्रशासनिक फेरबदल बताया और आरोप लगाया कि कांग्रेस इसे बेवजह एसआईआर प्रक्रिया से जोड़ रही है.
प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी और कांग्रेस आलाकमान से सीधा सवाल किया कि जब देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था और चुनाव आयोग पूरी स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं, तो विपक्ष महज मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर अपने बेबुनियाद आरोपों पर क्यों अड़ा हुआ है.भाजपा ने इसे कांग्रेस की पुरानी मानसिकता का हिस्सा बताया और कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास जताना उनका पुराना इतिहास रहा है.नेताओं ने याद दिलाया कि कांग्रेस ने हाल ही में ईवीएम को ब्लैक बॉक्स बताया था न्यायपालिका पर टिप्पणी की थी जिसके लिए उन्हें सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगनी पड़ी थी और विदेशी मंचों पर भी भारतीय लोकतंत्र को कटघरे में खड़ा किया था. इसके अलावा सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगकर सेना का मनोबल गिराने का काम भी कांग्रेस कर चुकी है.
वही अंत में महापौर श्री ताम्रकार ने कांग्रेस की जमीनी हकीकत पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की साझा जिम्मेदारी होती है लेकिन कांग्रेस अब अपनी राजनीतिक हताशा संस्थाओं पर निकाल रही है. उन्होंने याद दिलाया कि जनता से कट जाने के कारण ही कांग्रेस तमिलनाडु में 1967 से, पश्चिम बंगाल में 1977 से और उत्तर प्रदेश तथा बिहार जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में कई दशकों से सत्ता से बाहर है
