सतना: ज़िले के मझगवाँ परिक्षेत्र अंतर्गत अमिलिया दुदआर में पाँच शिकारियों के गिरोह ने खेत में करेंट लगा कर जंगली सूअर का शिकार कर लिया जिसकी भनक लगते ही वनकर्मियों ने छापेमारी कर आरोपियों के घरों से सूअर का पका हुआ मांस जब्त कर एक आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है जिले के मझगवां वन परिक्षेत्र अंतर्गत अमिलिया के दुदआर में जंगलों और खेतों में दौड़ते मौत के तार और वन विभाग की घोर लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है. खेत में बिछाए गए खुले करंट की चपेट में आने से एक जंगली सूअर की दर्दनाक मौत हो गई, हद तो तब हो गई जब शिकारी बेखौफ होकर सूअर का शिकार कर उसका मांस पकाते रहे और वन अमले को इसकी भनक तक नहीं लगी. जब ग्रामीण क्षेत्र में हलचल बढ़ी और बात खुली तब वन्य प्राणियों के रक्षकों की नींद टूटी जिसके बाद मामले को तूल पकड़ते देख आनन फ़ानन में वनकर्मियों ने छापेमारी कर महगू कोल के घर से पका हुआ मांस जब्त कर उसे गिरफ़्तार किया
मांस पकने के दौरान पड़ा छापा मुख्य साजिशकर्ता अब भी फरार
सूचना के आधार पर जब वन विभाग की टीम ने मौके पर छापेमारी की, तब आरोपियों द्वारा अपने- अपने घरों में बेख़ौफ़ होकर शिकार किए गए जंगली सूअर का मांस पकाया जा रहा था, वनकर्मियों की टीम ने घेराबंदी कर एक आरोपी को रंगे हाथों धर दबोचा और मौके से सूअर का मांस जब्त किया हालांकि, पकड़े गए मलगू कोल से पूँछने पर उसने अपने साथ चार अन्य साथियों का नाम बताया गया जिसमे शिकार की योजना का मुख्य आरोपी राजू पटेल, लल्लू कोल सहित दो अन्य लोग सामिल होना बताया लल्लू कोल के घर से भी सुअर का उबला हुआ मांस वनकर्मियों द्वारा जब्त किया गया लेकिन शिकार का मुख्य साजिशकर्ता फ़रार है।
वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे गंभीर सवाल
स्थानीय ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि इलाके के खेतों और जंगल से सटे हिस्सों में धड़ल्ले से शिकार के लिए जहरीले और जानलेवा करंट के तार बिछाए जा रहे हैं। इसके बावजूद वन परिक्षेत्र में गश्त (पेट्रोलिंग) पूरी तरह ठप्प है ग्रामीणों ने बताया की शिकारियों में वन अमले को लेकर को भय ही नहीं है अधिकतर मामलों में शिकार की खबर जंगल के अंदर तक ही सीमित रह जाती है
दो महीने पहले बाघ का हो चुका है शिकार
मझगवाँ वन परिक्षेत्र के सरभंगा इलाके में सूअर के शिकार के लिए बिछाए गए बिजली के नंगे तारों की चपेट में आने से एक व्यस्क बाघ की मौत हो गई थी इस घटना में भी संभावित शिकारियों में वन विभाग का एक स्थानीय चौकीदार उसके रिश्तेदार संदेही पाए गए थे मामले को तूल पकड़ता देख शिकारियों ने मामले को छिपाने के लिए बाघ के शव को जंगल में गड्ढा खोदकर दफना दिया था लगभग दो महीने बाद जुलाई 2026 में मुखबिर की सूचना पर वन विभाग और डॉग स्क्वायड की टीम ने खुदाई कर बाघ के अवशेष बरामद किए थे
इनका कहना है
मझगवाँ वनपरिक्षेत्र रेंजर रंजन परिहार ने कहा कि जंगल क्षेत्र से तीन किलोमीटर दूर खेती के लिए ठेके में लिए खेत में करंट की तार लगा कर सूअर का शिकार किया गया था वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम अंतर्गत मामला दर्ज कर घटना से जुड़े एक आरोपी को गिरफ़्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया गया है जल्द ही अन्य की धरपकड़ कर जल्द ही न्यायालय में पेश किया जायेगा
