दुर्घटना को आमंत्रण दे रही जर्जर पानी की टंकी, मासूमों की जान जोखिम में

सतना:स्थानीय फल-सब्जी मंडी परिसर में बीते 14 वर्षों से बनी पानी की टंकी अब अधिकारियों की अनदेखी और घोर लापरवाही के कारण बड़े हादसों का केंद्र बनती नजर आ रही है। देख-रेख के अभाव में जर्जर हो चुकी यह टंकी अब मासूम बच्चों के लिए खेलने का खिलौना बन गई है।सुरक्षा के कोई इंतजाम न होने के कारण रोज छोटे-छोटे बच्चे टंकी की सीढ़ियों से चढ़कर उसके अंदर तक जा रहे हैं, जिससे हर पल किसी बड़ी अनहोनी की आशंका बनी रहती है।

मंडी समिति की घोर उदासीनता का आलम यह है कि पानी की टंकी के आसपास न तो कोई बाउंड्री वॉल बनाई गई है और न ही ऊपर जाने वाले रास्ते को बंद करने के लिए कोई ताला या सुरक्षा जाली लगाई गई है। परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह शून्य है और बच्चों को वहाँ जाने से रोकने के लिए कोई गार्ड भी तैनात नहीं है। काफी ऊँचाई पर स्थित यह टंकी बेहद जर्जर हो चुकी है, ऐसे में यदि कोई बच्चा फिसलकर नीचे गिर जाता है या टंकी का कोई जर्जर हिस्सा टूट जाता है, तो कभी भी कोई बड़ा और जानलेवा हादसा घटित हो सकता है।

इस संबंध में मंडी सचिव करुणेश तिवारी का कहना है कि यह मामला अभी तक उनके संज्ञान में नहीं आया था। मंडी परिसर काफी बड़ा होने के कारण हर हिस्से में सुरक्षा गार्ड तैनात कर पाना संभव नहीं होता। पास ही स्थित बसोर बस्ती के बच्चे अक्सर यहाँ खेलने आ जाते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि कल ही पानी की टंकी के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करा दिए जाएँगे।

फल सब्जी व्यापारी कल्याण संघ के मंत्री सुनील तिवारी का कहना है कि जर्जर पानी की टंकी और बच्चों की सुरक्षा को लेकर मंडी सचिव को पहले ही अवगत कराया जा चुका था। लेकिन शिकायत के बावजूद अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया। प्रशासन की इसी अनदेखी के कारण आज मासूमों की जान जोखिम में पड़ी हुई है।

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