
नई दिल्ली, 25 नवंबर, 2025: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करने के वादे को पूरा करने की दिशा में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। टॉप नक्सली कमांडर हिडमा के मारे जाने और भूपति-रुपेश जैसे नेताओं के आत्मसमर्पण के बाद नक्सलियों में दहशत फैल गई है। इसी बीच, नक्सलियों की महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ (एमएमसी) समिति ने तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर 15 फरवरी 2026 तक आत्मसमर्पण के लिए समय सीमा देने का अनुरोध किया है।
एक वर्ष में मारे गए 350 से अधिक नक्सली
‘एमएमसी’ के प्रवक्ता अनंत द्वारा जारी किए गए प्रेस नोट में आत्मसमर्पण के लिए समय मांगा गया है। पिछले एक वर्ष में सुरक्षा कार्रवाई में 350 से अधिक नक्सली ढेर हुए हैं, जिनमें महासचिव बसवराजू और हिडमा सहित छह केंद्रीय समिति सदस्य शामिल हैं। समिति ने स्वीकार किया कि भूपति और चंद्रन्ना जैसे बड़े नेताओं ने हथियार डाल दिए हैं, इसलिए उनके पास भी आत्मसमर्पण के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
हिंसा न करने और पीएलजीए सप्ताह न मनाने का वादा
समिति ने पत्र में आग्रह किया है कि कुछ सदस्यों को निर्णय की जानकारी देने में समय लगेगा, इसलिए मोहलत दी जाए। नक्सलियों ने यह भी वादा किया है कि इस अवधि में वे किसी भी प्रकार की हिंसा नहीं करेंगे और ‘पीएलजीए सप्ताह’ भी नहीं मनाएंगे। अब तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के निर्णय पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर बनी हुई है।
