
ग्वालियर। शहर में रसोई गैस उपभोक्ताओं के सामने दोहरा संकट खड़ा हो गया है। एक तरफ जहां गैस कंपनियों ने नए एलपीजी कनेक्शन देने पर अघोषित रोक लगा रखी है, वहीं दूसरी तरफ जिन उपभोक्ताओं के पास पुराने कनेक्शन हैं, उन पर भी बंद होने की तलवार लटक रही है। केवाईसी अपडेट न कराने और जिन इलाकों में पीएनजी पाइपलाइन बिछ चुकी है, वहां सिलेंडर सरेंडर करने के नियमों से आम जनता भारी असमंजस और परेशानी के दौर से गुजर रही है।
*बायोमेट्रिक केवाईसी नहीं कराई तो बंद हो सकता है कनेक्शन*
गैस एजेंसियों के नए फरमान के मुताबिक सभी वैध एलपीजी उपभोक्ताओं को अपना बायोमेट्रिक ई-केवाईसी अपडेट कराना अनिवार्य कर दिया गया है। जिन उपभोक्ताओं ने अब तक बायोमेट्रिक केवाईसी नहीं कराया है, उन्हें सरकार से मिलने वाली सब्सिडी बंद कर दी जाएगी और उन्हें सिलेंडर की पूरी कीमत चुकानी होगी। एजेंसियों ने साफ किया है कि यदि उपभोक्ताओं ने जल्द बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं कराया, तो उनके गैस कनेक्शन स्थाई रूप से निलंबित/बंद किए जा सकते हैं। और ऐसे उपभोक्ताओं की सरकर सब्सिडी भी बंद करने वाली है।
*जहां पीएनजी पाइपलाइन बिछी, वहां सिलेंडर करने होंगे वापस*
शहर के कई जरूरतमंद लोग जो नया कनेक्शन लेने एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं, उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। वही शहर में पीएनजी (पाइप के जरिए रसोई गैस) सप्लाई का काम देख रही गैस कंपनी का कम पुरा होते ही जिन इलकों में पीएनजी लाइन बिछ चुकी हैं वहां के उपभोक्ताओं को अपने एलपीजी कनेक्शन अब वापस करने होंगे।
आम जनता का दर्द
मेरे पास राशन नहीं था बनने में समय लग गया। अब जब नया कनेक्शन लेने गयी तो एजेंसी वाले बोल रहे हैं कि नए कनेक्शन पर रोक है।
—सोनी शर्मा
हमारे यहां पीएनजी की पाइपलाइन नही आई है, अगर हमें पीएनजी कनेक्शन चालू करके दे दिया जाए, तो हम अपना सिलेंडर खुशी-खुशी सरेंडर कर देंगे।
— भोले राम कुशवाह
इनका कहना है…
पीएनजी गैस एलपीजी से 20 प्रतिशत सस्ती है। 60 प्रतिशत इलाकों में पीएनजी लाइन बच चुकी है। शहर के जिन क्षेत्रों में पीएनजी की लाइन बिछा दी गई है और गैस सप्लाई शुरू हो गई है, वहां के उपभोक्ताओं को अपने एलपीजी सिलेंडर का नंबर व कनेक्शन वापस (सरेंडर) करना होगा। बायोमेट्रिक ई केवाईसी सभी के लिए अनिवार्य है जो लोग नहीं करेेंगे उन्हें सब्सिडी नहीं मिलेगी।
अरविंद भदोरिया, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी
*पीएनजी गैस कंपनी का दावा*
कंपनी प्रबंधन का कहना है कि शहर के कई हिस्सों में लाइन बिछाकर सप्लाई शुरू कर दी गई है। जिन क्षेत्रों में मेन लाइन से कनेक्शन जोड़ना बाकी है, वहां कार्य तेजी से जारी है। हमें एक लाख कनेक्शन का टारगेट मिला है. 60000 कनेक्शन हम कर चुके हैं. डेली के 25 कनेक्शन हम कर रहे हैं लेकिन फिर भी कई जगह पर दिक्कत आ रही है जैसे कि कहीं मकान मालिक नहीं रहते, कहीं किराएदार के साथ डॉक्यूमेंट एड्रेस की प्रॉब्लम है और कई जगह पर लोग एलपीजी छोड़ना नहीं चाहते हालांकि जब से नई कनेक्शन बंद हुए हैं, हमारे कनेक्शन बढ़े हैं।
अंकिश गर्ग, क्षेत्रीय प्रमुख, अवंतिका गैस लिमिटेड
