
ग्वालियर। महाराजपुरा थाना क्षेत्र में 11 जनवरी 2020 को दर्ज सामूहिक बलात्कार के मामले में न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए आरोपी अरविंद माहौर और उसके छोटे भाई को दोषमुक्त कर दिया। न्यायालय ने मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों, पीड़िता के कथनों और पुलिस विवेचना को संदिग्ध मानते हुए अभियोजन के आरोपों को संदेह से परे प्रमाणित नहीं माना।
अभियोजन के अनुसार, पीड़िता ने आरोप लगाया था कि 11 जनवरी 2020 को अरविंद माहौर और उसका छोटा भाई उसे महाराजपुरा थाना क्षेत्र के एक सुनसान स्थान पर ले गए, जहां उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। इसके बाद पीड़िता की शिकायत पर महाराजपुरा थाने में प्रकरण दर्ज किया गया था।
मामले में एक आरोपी के किशोर होने के कारण उसकी सुनवाई किशोर न्यायालय में हुई थी, जहां उसे पूर्व में दोषमुक्त किया जा चुका है। वयस्क आरोपी अरविंद माहौर के संबंध में न्यायालय ने अपना निर्णय सुनाया।
न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और पुलिस द्वारा की गई विवेचना का परीक्षण करते हुए अभियोजन के मामले में संदेह पाया। न्यायालय ने पीड़िता के कथनों तथा विवेचना की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए और बचाव पक्ष द्वारा प्रस्तुत तर्कों को स्वीकार करते हुए अरविंद माहौर को आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। प्रकरण में आरोपियों की ओर से अधिवक्ता दिनेश सिंह राठौर ने पैरवी की।
