
बैहर, कान्हा टाइगर रिजर्व के कान्हा परिक्षेत्र अंतर्गत नक्तीघाटी बीट के कक्ष क्रमांक 138 में सोमवार, 28 सितंबर की सुबह गश्ती दल को एक बाघ शावक मृत अवस्था में मिला। गश्ती के दौरान वन क्षेत्र में बाघ के पदचिह्न एवं रक्त के निशान दिखाई देने के बाद क्षेत्र में सघन खोजबीन की गई, जिसमें मृत बाघ शावक का शव बरामद हुआ।
गश्ती दल ने तत्काल घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल तथा आसपास के क्षेत्र की घेराबंदी कराई गई। इसके बाद डॉग स्क्वाड की सहायता से क्षेत्र में सघन जांच की गई।
पशु चिकित्सकों ने किया परीक्षण
मृत बाघ शावक का परीक्षण वरिष्ठ वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संदीप अग्रवाल एवं पशु चिकित्सक डॉ. ललित चौरसिया के दल द्वारा किया गया। परीक्षण में शावक की आयु लगभग 11 माह तथा लिंग मादा पाया गया।
शावक के शरीर पर अन्य वन्यजीव के साथ संघर्ष के निशान एवं चोटें पाई गईं। इन चोटों के आधार पर पशु चिकित्सकों द्वारा आपसी संघर्ष के कारण मृत्यु होने की संभावना व्यक्त की गई है। हालांकि, मृत्यु के कारणों की जांच के लिए शव परीक्षण के दौरान फॉरेंसिक जांच हेतु आवश्यक नमूने भी संकलित किए गए हैं।
निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत किया गया अंतिम निस्तारण
घटना के संबंध में निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक जांच एवं दस्तावेजीकरण किया गया। इसके बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा निर्धारित मानक प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मृत बाघ शावक के शव का पूर्णतः दाह/भस्मीकरण कर नष्ट किया गया।
यह कार्रवाई क्षेत्र संचालक श्री रविंद्र मणि त्रिपाठी, एनटीसीए द्वारा नामित प्रतिनिधि सुश्री शिवांगी वेंन्द्रे तथा दाह/भस्मीकरण समिति के अन्य उपस्थित सदस्यों की मौजूदगी में संपन्न की गई। वन विभाग द्वारा घटना से जुड़े सभी निर्धारित प्रावधानों एवं प्रक्रियाओं का पालन किया गया।
