नयी दिल्ली, 28 सितंबर (वार्ता) फास्टैग वार्षिक पास जारी करने का आंकड़ा तेजी से बढ रहा है और अब तक एक करोड़ से अधिक वार्षिक पास जारी किए जा चुके हैं, जो निजी वाहन मालिकों के बीच इसकी बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है।
सड़क परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार 15 अगस्त 2025 को शुरू किया गया यह वार्षिक पास राष्ट्रीय राजमार्गों और द्रुतमार्गों पर करीब 1,150 शुल्क प्लाजा पर लागू है। गैर-वाणिज्यिक वाहनों के लिए एक वर्ष तक वैध इस पास के लिए 3,075 रुपये का एकमुश्त शुल्क देना होता है और इसके बाद 200 शुल्क प्लाजा पार करने तक फास्टैग को बार-बार रिचार्ज करने की जरूरत नहीं होती।
वैध फास्टैग वाले गैर-वाणिज्यिक वाहनों पर राजमार्गयात्रा ऐप के माध्यम से शुल्क का भुगतान करने के बाद वार्षिक पास सक्रिय हो जाता है। एक करोड़ पास जारी होने की उपलब्धि राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेस-वे पर निजी वाहन मालिकों के लिए सुगम और किफायती यात्रा विकल्प के रूप में इसकी बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती है।
