नई दिल्ली, नेपाल और तिब्बत सीमा पर आए अचानक जलप्रलय (फ्लैश फ्लड) ने भारी तबाही मचाई है। ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु ने बताया कि कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए 80 सदस्यीय समूह का आखिरी संदेश बुधवार सुबह 9:05 बजे मिला था, और इसके महज नौ मिनट बाद यानी 9:14 बजे अचानक संपर्क पूरी तरह टूट गया।
अंतरराष्ट्रीय नागरिकों की मौजूदगी
लापता हुए इस 80 लोगों के समूह में अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी समेत कई देशों के नागरिक और फाउंडेशन के स्वयंसेवक व डॉक्टर शामिल थे। संचार सेवाएं ठप होने और रास्ते बंद होने के कारण घटनास्थल पर पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है, जिससे सभी की सुरक्षा को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
दूतावासों से लगाई मदद की गुहार
सद्गुरु ने सोशल मीडिया के जरिए इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा है कि वह भारतीय, चीनी और अमेरिकी दूतावासों के संपर्क में हैं। राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने और प्रभावित क्षेत्र तक पहुंच बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं ताकि फंसे हुए लोगों की सुरक्षित जानकारी मिल सके।

