सेकेंड थॉमस शोअल विवाद: अमेरिका ने चीन के ‘खतरनाक’ रवैये की निंदा की, फिलीपींस का किया समर्थन

मनीला, 27 सितंबर (वार्ता) अमेरिका ने रविवार को दक्षिण चीन सागर के सेकेंड थॉमस शोअल में फिलीपींस को नियमित आपूर्ति मिशन को रोकने और चीनी नौसेना तथा तटरक्षक जहाजों के कथित “खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना रवैये” की कड़े शब्दों में निंदा की है।

फिलीपींस में अमेरिकी राजदूत ली लिपटन ने एक बयान जारी कर कहा कि अमेरिका अपने सहयोगी फिलीपींस के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने फिलीपींस के सैन्य कर्मियों के “पेशेवर रवैये और संयम” की सराहना की तथा चीन के तटरक्षक बल और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी से ऐसी तनाव बढ़ाने वाली चालों को बंद करने का आह्वान किया जो नेविगेशन की स्वतंत्रता और एक स्वतंत्र व खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए खतरा पैदा करती हैं।

यह बयान उस घटना के बाद आया है जब 24 सितंबर को विवादित दक्षिण चीन सागर में चीनी युद्धपोतों और तटरक्षक जहाजों ने फिलीपींस के आपूर्ति से जुड़़े एक मिशन को रोक दिया था। जुलाई 2024 में मनीला और बीजिंग के बीच हुए एक अस्थायी समझौते के बाद यह पहला मौका है जब चीन ने इस तरह के मिशन को सार्वजनिक रूप से बाधित किया है।

फिलीपींस के तटरक्षक बल के प्रवक्ता जे टारीएला के अनुसार, फिलीपींस नौसेना के पोत ‘लापू-लापू’ को दो तटरक्षक जहाजों से एस्कॉर्ट किया जा रहा था। इसी दौरान एक चीनी तटरक्षक जहाज ने खतरनाक ढंग से हुए ‘लापू-लापू’ से टक्कर की स्थिति पैदा कर दी, जिसके बाद इस मिशन को अस्थायी रूप से स्थगित करना पड़ा। हालांकि, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ।

फिलीपींस के अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान चीनी नौसेना के दो टाइप 022-क्लास मिसाइल बोट सहित तीन युद्धपोत और 11 तटरक्षक व समुद्री मिलिशिया जहाज सेकेंड थॉमस और सबीना शोअल के आसपास मौजूद थे। सेकेंड थॉमस शोअल में 1999 से जानबूझकर खड़े किए गए द्वितीय विश्व युद्ध के पुराने जहाज ‘बीआरपी सियारा माद्रे’ पर तैनात सैनिकों तक रसद पहुंचाना इस मिशन का मुख्य उद्देश्य था।

दूसरी ओर, चीनी सरकारी मीडिया ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने इस घटना के लिए मनीला को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि फिलीपींस ने इस क्षेत्र में जाने के लिए पूर्व अनुमति नहीं ली थी। चीन ने इस मिशन को “उकसावा” करार दिया।

फिलीपीन तटरक्षक के प्रवक्ता टारीएला ने चीन के दावों को खारिज करते हुए कहा, “असली उपद्रवी चीन के युद्धपोत और तटरक्षक पोत हैं जिन्होंने रात के अंधेरे में एक निहत्थे आपूर्ति नाव को घेर लिया और फिलीपीनी नागरिकों की जान जोखिम में डाली।”

यह घटना ऐसे समय में हुई है फिलीपींस के नेतृत्व में एक बहुराष्ट्रीय समुद्री अभ्यास आयोजित किया जा रहा है, जिसमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, भारत और जापान जैसे साझेदार देश भाग ले रहे हैं।

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