
जबलपुर। मूसलाधार बारिश की वजह से रानी अवंति बाई लोधी सागर परियोजना बरगी बांध लबालब भर गया है जिसके जल स्तर को नियंत्रित करने बांध के 13 जल द्वार औसतन 3.18 मीटर ऊंचाई तक खोलकर 8013 क्यूमेक जल माँ नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा है। जिसके चलते नर्मदा उफान पर आ गई है। गौरीघाट के घाटों से लेकर यहां स्थित नर्मदा जी का मंदिर एवं नाग मंदिर डूब गए है। इसके अलावा बरगी नगर और गौर जबलपुर को जोडऩे वाला पुल भी डूब गया है। नर्मदा का जल स्तर बढऩे से गौरीघाट के अलावा तिलवाराघाट, जिलहरी घाट, भेड़ाघाट, उमाघाट सहित अन्य घाट डूब गए है। तिलवारा का पुराना पुल भी डूब चुका है। धुंआधार गायब हो गया है। जल निकासी में वृद्धि चलते अब माँ नर्मदा के घाटों एवं तटीय क्षेत्रों में 14 फीट तक अतिरिक्ति वृद्ध हो गई है।
विदित हो कि बरगी बांध के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार वर्षा के कारण बांध में पानी की आवक लगातार बढ़ रही है। बांध की सुरक्षा एवं जल स्तर को नियंत्रित एवं स्थिर बनाए रखने शुक्रवार शाम 6 बजे बांध के पांच जल द्वारों को खोला गया था। शनिवार सुबह बांध के 9 जल द्वार औसतन 1.83 मीटर ऊंचाई तक खोलकर लगभग 2522 क्यूमेक जल माँ नर्मदा नदी में छोड़ा गया। बांध में बढ़ती जल आवक के चलते जल निकासी में पुन: वृद्धि कर दोपहर 3 बजे जल निकासी बढ़ाने के बाद 13 जल द्वार फिर सायं 7 बजे से कुल 17 जल द्वार खोल जल माँ नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा है जिसके चलते नर्मदा नदी उफान पर आ गई है।
