
छिंदवाड़ा. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे इतवारी-छिंदवाड़ा रेलखंड पर उमरानाला स्टेशन के समीप समपार फाटक संख्या का इंटरलॉकिंग कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। इस आधुनिक इंटरलॉकिंग व्यवस्था का विधिवत शुभारंभ मंडल रेल प्रबंधक दीपक कुमार गुप्ता के द्वारा किया गया। समपार फाटक की सभी निर्धारित संरक्षा जांच, संयुक्त निरीक्षण एवं परीक्षण पूर्ण करने के उपरांत इंटरलॉकिंग व्यवस्था को परिचालन में लाया गया है। इंटरलॉकिंग के पश्चात समपार फाटक को विद्युत चालित लिफ्टिंग बैरियर एवं स्लाइडिंग बैरियर से सुसज्जित किया गया है तथा इसे रेलवे सिगनल प्रणाली के साथ पूर्णत: इंटरलॉक किया गया है। अब किसी भी ट्रेन को सिग्नल तभी दिया जा सकेगा, जब समपार फाटक बंद होकर लॉक हो जाए। इस व्यवस्था से फाटक संचालन में मानवीय त्रुटि की संभावना को न्यूनतम करते हुए सड़क एवं रेल दोनों की संरक्षा को और मजबूत किया गया है।
कार्य की प्रमुख विशेषताए ००००००००
स्वीकृत सिग्नल इंटरलॉकिंग प्लान के अनुसार समपार फाटक को रेलवे सिगनलों के साथ इंटरलॉक किया गया है। इससे ट्रेन संचालन एवं फाटक संचालन के बीच सुरक्षित समन्वय सुनिश्चित होगा। समपार फाटक की सुरक्षा एवं सिग्नल की स्पष्ट दृश्यता के लिए कलर लाइट सिग्नल की व्यवस्था की गई है। सिग्नलिंग एवं फाटक उपकरणों के लिए विश्वसनीय एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु इंटीग्रेटेड पावर सप्लाई की व्यवस्था की गई है।फाटक एवं सिग्नल संचालन की निरंतर निगरानी एवं रिकॉर्डिंग के लिए डेटालॉगर कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है। इससे संचालन संबंधी किसी भी असामान्यता अथवा खराबी का शीघ्र पता लगाने में सहायता मिलेगी।विद्युत चालित व्यवस्था के माध्यम से फाटक का खुलना एवं बंद होना अधिक तेज, सुगम एवं सुरक्षित होगा। इससे सड़क उपयोगकर्ताओं के प्रतीक्षा समय में भी कमी आने की संभावना है।
सड़क-रेल संरक्षा में होगा सुधार०००००
समपार फाटक की इंटरलॉकिंग से इस स्थान पर सड़क एवं रेल दोनों की सार्वजनिक संरक्षा को मजबूती मिलेगी। इंटरलॉकिंग व्यवस्था यह सुनिश्चित करेगी कि फाटक बंद एवं सुरक्षित स्थिति में होने के बाद ही संबंधित ट्रेन को आगे बढऩे के लिए सिग्नल दिया जाए। विद्युत चालित बैरियर के कारण फाटक संचालन अधिक सुगम एवं त्वरित होगा। इससे सड़क उपयोगकर्ताओं के अनावश्यक विलंब को कम करने के साथ-साथ वाहनों एवं पैदल यात्रियों के लिए रेल पथ पार करने की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित एवं सुरक्षित होगी। समपार फाटकों पर ऐसी आधुनिक व्यवस्थाओं से रेल परिचालन के साथ-साथ सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा भी और अधिक सुनिश्चित होती है।
