नई दिल्ली, देश में गहराते एसआईआर (SIR) विवाद और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने आक्रामक रुख अपना लिया है। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त को उनके पद से हटाने और तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर आज एक बड़े देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। देश के विभिन्न हिस्सों में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा जिला चुनाव आयोग कार्यालयों तक विरोध मार्च निकाले जाने का कार्यक्रम तय किया गया है, जिसके तहत पार्टी लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान की रक्षा के लिए अपनी आवाज मुखर कर रही है।
केसी वेणुगोपाल ने उठाए गंभीर सवाल, ज्ञानेश कुमार के फैसलों की स्वतंत्र समीक्षा और सख्त कार्रवाई की मांग
पार्टी के वरिष्ठ नेता और महासचिव केसी वेणुगोपाल ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हालिया खुलासों के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कांग्रेस पार्टी ने मांग की है कि सीईसी ज्ञानेश कुमार द्वारा लिए गए सभी विवादित फैसलों और वोटर लिस्ट में किए गए बदलावों की एक निष्पक्ष एवं स्वतंत्र समीक्षा कराई जानी चाहिए। पार्टी का आरोप है कि चुनाव आयोग के कुछ फैसले लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता को प्रभावित कर रहे हैं, जिसके चलते विपक्षी दल अब सड़कों पर उतरकर सीधे तौर पर शीर्ष अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।
जिला कलेक्ट्रेट तक प्रदर्शन का सिलसिला रहेगा जारी, जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं आंदोलन रहेगा बरकरार
कांग्रेस के तय संगठनात्मक कार्यक्रमों के अनुसार, आगामी 28 सितंबर को देश भर की सभी जिला कांग्रेस कमेटियां (DCCs) अपने-अपने स्थानीय जिला कलेक्ट्रेट तक बड़े पैमाने पर प्रोटेस्ट मार्च आयोजित करेंगी। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त को उनके पद से हटाया नहीं जाता और एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक उनका यह विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा। इस देशव्यापी आंदोलन के चलते राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है और राष्ट्रीय राजधानी से लेकर विभिन्न राज्यों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

