ग्वालियर:राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय, ग्वालियर के कथक नृत्य विभाग द्वारा आयोजित “कथक साधना महोत्सव” के अंतर्गत छात्राओं ने शुद्ध शास्त्रीय कथक की प्रभावशाली एकल प्रस्तुतियाँ दीं। कार्यक्रम विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. स्मिता सहस्रबुद्धे एवं कुलसचिव डॉ. आशुतोष खरे के संरक्षण तथा कथक नृत्य विभागाध्यक्ष एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अंजना झा के निर्देशन में आयोजित किया गया।
प्रथम प्रस्तुति एम.ए. प्रथम वर्ष की छात्रा हर्षिता राय ने दी। उन्होंने गुरु वंदना से प्रस्तुति का शुभारंभ किया। इसके पश्चात तीनताल में ठाठ, उठान, आमद, तोड़े, मध्यलय, कवित्त, तिहाई एवं परण प्रस्तुत कर कथक की शास्त्रीय बारीकियों का सुंदर प्रदर्शन किया। प्रस्तुति का समापन उन्होंने भावपूर्ण ठुमरी “कान्हा गिरधारी मेरो मारग रोकत” से किया।
द्वितीय प्रस्तुति बी.पी.ए. तृतीय वर्ष की छात्रा नेहा जेरोनिया ने दी। उन्होंने चौताल में गणेश परण, क्रमलय, उठान, आमद, परमेलु, तोड़े, टुकड़े एवं तिहाई प्रस्तुत की। इसके उपरांत “ॐ जयंती मंगला काली…” पर आधारित दुर्गा स्तुति के माध्यम से देवी के शक्तिस्वरूप को भावपूर्ण ढंग से अभिव्यक्त किया।
कार्यक्रम में तबले पर हितेश मिश्रा तथा सारंगी पर अब्दुल हमीद खान ने प्रभावशाली संगत प्रदान की। संगीत विभाग के डॉ. विकास विपट भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर कथक विभाग सहित विश्वविद्यालय के अन्य विभागों के विद्यार्थी, शिक्षक, शोधार्थी एवं कलाप्रेमी भी उपस्थित थे।
