नई दिल्ली, देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का बहुप्रतीक्षित आईपीओ (IPO) गुरुवार को शेयर बाजार में लिस्ट हो गया। हालांकि, कमजोर कारोबारी माहौल और बाजार में जारी भारी गिरावट के बीच एनएसई के शेयरों की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही और यह अपने इश्यू प्राइस के मुकाबले महज 1 फीसदी के मामूली प्रीमियम के साथ सूचीबद्ध हुए। हालांकि, लिस्टिंग के कुछ ही समय बाद शेयरों में खरीदारों की दिलचस्पी दिखी और एनएसई का शेयर 5 फीसदी से ज्यादा की छलांग लगाकर 1,867 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। यह आईपीओ 17 से 21 सितंबर तक निवेशकों के लिए खुला था, जिसे कुल 5.71 गुना का मजबूत सब्सक्रिप्शन मिला था।
हुंडई और एलआईसी के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा आईपीओ, ब्रोकरेज फर्म ने दिया बड़ा टारगेट
22,569 करोड़ रुपये के आकार वाला यह आईपीओ देश के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा आईपीओ है। इससे पहले हुंडई मोटर इंडिया का 27,870 करोड़ रुपये का आईपीओ देश का सबसे बड़ा और एलआईसी का 21,000 करोड़ रुपये का आईपीओ तीसरा सबसे बड़ा आईपीओ रहा था। एनएसई के आईपीओ का प्राइस बैंड 1,700 रुपये से 1,785 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था। ग्रे मार्केट में सुस्त संकेतों के बावजूद, प्रतिष्ठित ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी (Macquarie) ने इस शेयर पर भरोसा जताते हुए ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग के साथ कवरेज शुरू किया है और इसका टारगेट प्राइस 1,965 रुपये तय किया है।
सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट का असर, शुरुआती कारोबार में लाल निशान पर बंद हुआ बाजार
एनएसई के शेयरों की लिस्टिंग के दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत भी काफी कमजोर रही। बाजार खुलते ही प्रमुख सूचकांकों में बिकवाली हावी हो गई और बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी दोनों ही लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। बाजार के जानकारों का मानना है कि व्यापक आर्थिक संकेतों और वैश्विक बाजारों के दबाव के कारण निवेशकों में सतर्कता का माहौल है, जिसके चलते बाजार के उतार-चढ़ाव का असर नई लिस्टिंग पर भी साफ तौर पर देखने को मिल रहा है।

