बर्लिन, 22 सितंबर (वार्ता) जर्मनी में इस साल के अंतिम राज्य चुनावों ने देश के राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया है और राजधानी बर्लिन में वामपंथी विचारधारा वाली डाई लिंके (वामपंथी पार्टी) सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। दक्षिणपंथी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (एएफडी) मेक्लेनबर्ग-वोर्पोमर्न में सबसे आगे रही है। वामपंथी पार्टी की शीर्ष उम्मीदवार एलिफ एराल्प हैं, जबकि एएफडी के प्रमुख उम्मीदवार लाइफ-एरिक होल्म हैं।
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के नेतृत्व वाली केंद्र-दक्षिणपंथी पार्टी क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (सीडीयू) को दोनों राज्यों में भारी नुकसान हुआ है। दूसरी ओर केंद्र-वामपंथी सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी (एसपीडी) ने मेक्लेनबर्ग-वोर्पोमर्न में मैनुएला श्वेसिग के नेतृत्व में महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की।
बर्लिन में इंफ्राटेस्ट डिमैप के ताजा आंकड़ों के अनुसार, डाई लिंके को 25.7 प्रतिशत वोट मिले हैं। सीडीयू 18.8 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है। एएफडी को 16.3 प्रतिशत और पर्यावरणवादी ग्रीन पार्टी को 14.3 प्रतिशत वोट मिले। एसपीडी 12.1 प्रतिशत के साथ और पीछे चली गई है, जबकि बीएसडब्ल्यू मामूली अंतर से संसद में प्रवेश की पांच प्रतिशत की सीमा पार कर रही है।
इस परिणाम का मतलब है कि राजधानी में सीडीयू और एसपीडी की पिछली गठबंधन सरकार अब बहुमत में नहीं है। मेक्लेनबर्ग-वोर्पोमर्न में एएफडी 38.2 प्रतिशत वोट के साथ आगे है, जबकि एसपीडी 35.5 प्रतिशत के साथ उसके करीब है। सीडीयू को राज्य के इतिहास का सबसे खराब परिणाम मिला है और उसे केवल 4.9 प्रतिशत वोट मिले हैं। डाई लिंके, ग्रीन पार्टी और बीएसडब्ल्यू सभी संसद में प्रवेश की सीमा के आसपास या उससे थोड़ा ऊपर हैं।
श्री मर्ज ने कहा कि मेक्लेनबर्ग-वोर्पोमर्न में उनकी पार्टी के परिणाम को “घुमा-फिराकर” पेश करने का कोई रास्ता नहीं है। उन्होंने बर्लिन स्थित पार्टी मुख्यालय में कहा, “यह एक हादसा है।” श्री मर्ज ने कहा कि जब मुकाबला एसपीडी और एएफडी के बीच सिमट गया तो उनकी पार्टी “बाहर हो गई”।
श्री मर्ज ने जर्मनी की व्यापक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश बहुत जटिल हो गया है और अर्थव्यवस्था गहरे बदलाव के दौर से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक बहस लगातार तीखी होती जा रही है और संस्थानों पर लोगों का भरोसा घट रहा है। उन्होंने आगे सुधारों की जरूरत बताते हुए कहा कि उनसे होने वाले बदलाव और यह तथ्य कि वे सभी को पसंद नहीं आएंगे, स्वीकार करने होंगे।
उन्होंने चेतावनी दी कि “अधिनायकवाद का जहर” समाज में तेजी से जगह बना रहा है और लोगों में अधिनायकवाद के प्रति “आकर्षण” बढ़ रहा है। सीडीयू नेता और चांसलर के रूप में उन्होंने जिम्मेदारी लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि जर्मनी को एक बार फिर “नयी शुरुआत का देश” बनना चाहिए।
मेक्लेनबर्ग-वोर्पोमर्न में एएफडी के प्रमुख उम्मीदवार लाइफ-एरिक होल्म ने चुनाव परिणाम के बाद अगली राज्य सरकार बनाने का दावा किया। उन्होंने कहा कि पार्टी “स्वाभाविक रूप से अन्य सभी दलों से भी बात करेगी”, ताकि “काम आगे बढ़ाया जा सके।” जर्मनी के सार्वजनिक प्रसारक एआरडी से बातचीत में होल्म ने कहा, “यह हमारे राज्य के लोगों के बारे में है। हम राजनीति में सुधार करना चाहते हैं।”
अन्य दलों के साथ संभावित सहयोग के बारे में पूछे जाने पर होल्म ने कहा कि मेक्लेनबर्ग-वोर्पोमर्न में एएफडी पर संविधान संरक्षण के लिए संघीय कार्यालय की निगरानी नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी के पास शिक्षा, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर “रूढ़िवादी कार्यक्रम” है।
मेक्लेनबर्ग-वोर्पोमर्न की एसपीडी श्री श्वेसिग के नेतृत्व में सरकार में बनी रह सकती है, हालांकि चुनाव में एएफडी उससे आगे रही। श्री श्वेसिग ने चुनाव प्रचार के दौरान खुद को एसपीडी के अभियान के केंद्र में रखा था और “नीले के खिलाफ महिला” नारे का इस्तेमाल किया था। यह एएफडी के पार्टी रंग नीले पर आधारित शब्दों का खेल था।

