इंदौर: छोटी ग्वालटोली क्षेत्र के एक ट्रेडिंग कारोबारी से साइबर ठगों ने फौज का अधिकारी बनकर वार्निश खरीदने के बहाने 8 लाख 55 हजार 890 रुपए ठग लिए. आरोपियों ने महू कैंट बोर्ड के नाम से खरीद आदेश भेजने के बाद वेंडर आईडी बनाने की प्रक्रिया के नाम पर कारोबारी के बैंक खाते से रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा ली.
सरवटे बस स्टैंड क्षेत्र में वृंदा इंटरप्राइजेस नाम से ट्रेडिंग का कारोबार करने वाले प्रवीण कुमार मोदी उम्र 49 साल ने पुलिस को बताया कि 16 सितंबर को उनके मोबाइल पर कुणाल चौधरी नाम के व्यक्ति का वाट्सऐप मैसेज और कॉल आया. उसने खुद को फौज का अधिकारी बताते हुए फोर्स के लिए वार्निश की जरूरत बताई और उसका फोटो मांगा. फोटो भेजने के बाद आरोपी ने महू कैंट बोर्ड का पता और जीएसटी नंबर देकर प्रोफार्मा बिल बनाने को कहा. कारोबारी ने बिल बनाकर भेजा तो आरोपी ने ऑर्डर कन्फर्म कर दिया. इसके बाद महू कैंट बोर्ड के नाम से खरीद आदेश भी भेजा.
कारोबारी ने जीएसटी पोर्टल पर नंबर की जांच की, जो सही मिला। इससे उसे ऑर्डर वास्तविक होने का भरोसा हो गया. बाद में आरोपी ने कुलदीप सिंह नाम के व्यक्ति से फोन पर बात कराई. उसने खुद को महू कैंट का अकाउंटेंट बताते हुए वेंडर आईडी बनाने के लिए बैंक खाता सत्यापन की प्रक्रिया बताई. इसी प्रक्रिया के दौरान कारोबारी के खाते से अलग-अलग खातों में 8 लाख 55 हजार 890 रुपए ट्रांसफर हो गए. बाद में कारोबारी को ठगी का पता चला. मामले में थाना प्रभारी छोटी ग्वालटोली, जितेन्द्र यादव ने कहा कि आरोपियों ने फौज के अधिकारी और महू कैंट बोर्ड के कर्मचारी बनकर कारोबारी को अपने झांसे में लिया. वेंडर आईडी बनाने के नाम पर बैंक खाते से रकम ट्रांसफर कराई गई है. जिन खातों में पैसा गया है, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है.
1930 पर शिकायत के बाद केस दर्ज…
पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की थी. इसके आधार पर छोटी ग्वालटोली थाने में जीरो एफआईआर प्राप्त हुई. बयान और प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की है. पुलिस बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है.
