अमरकंटक रहा विकास की पहचान वैतरणी बस स्टैंड आज बदहाली का शिकार, यात्री सुविधाएं हुईं जर्जर

अमरकंटक, मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक जो एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन नगरी है । इसी नगरी का वैतरणी बस स्टैंड इन दिनों उपेक्षा और बदहाली का दंश झेल रहा है । कभी बेहतर यात्री सुविधाओं और सुव्यवस्थित निर्माण के लिए पहचान रखने वाला यह बस स्टैंड आज साफ-सफाई , रखरखाव और मूलभूत सुविधाओं के अभाव में अपनी चमक खोता दिखाई दे रहा है । प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं , पर्यटकों और स्थानीय यात्रियों की आवाजाही के बावजूद परिसर की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है ।

वैतरणी बस स्टैंड का निर्माण विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) द्वारा हुडको की आईडीएसएमटी योजना के अंतर्गत कराया गया था । तत्कालीन साडा अध्यक्ष भोलानाथ राव तथा तत्कालीन केंद्रीय शहरी विकास राज्यमंत्री दलबीर सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका से निर्मित यह बस स्टैंड कभी रीवा संभाग की प्रमुख पहचान माना जाता था । इसका उद्देश्य अमरकंटक आने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना था लेकिन समय के साथ समुचित रखरखाव नहीं होने से इसकी स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई ।

वर्तमान में परिसर में जगह-जगह गंदगी , दुर्गंध और पानी के रिसाव की समस्या बनी हुई है । निचले हिस्से में सीलन और काई जमने से यात्रियों को आवागमन में परेशानी होती है । बस स्टैंड की सड़कें भी कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हैं जबकि खिड़कियों और रोशनदानों के कांच टूट जाने से वर्षा का पानी भवन के भीतर पहुंच जाता है । पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और पंखों के अभाव में यात्रियों को प्रतीक्षाकाल के दौरान असुविधा का सामना करना पड़ता है ।

बस स्टैंड के भीतर स्थित दुकानों की स्थिति भी चिंताजनक है । लंबे समय से देखरेख नहीं होने के कारण कई दुकानों के शटर जर्जर हो चुके हैं , टूट चुके है । परिसर में आवारा पशुओं की मौजूदगी भी यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन रही है । यात्रियों के लिए स्वच्छ पेयजल , बैठने की समुचित व्यवस्था , नियमित सफाई और व्यवस्थित पार्किंग जैसी सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता महसूस की जा रही है ।

देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए वैतरणी बस स्टैंड अमरकंटक का प्रमुख प्रवेश द्वार है । ऐसे में यहां की अव्यवस्थाएं पर्यटन नगरी की छवि को प्रभावित करती हैं । स्थानीय लोगों और यात्रियों का मानना है कि बस स्टैंड का व्यापक निरीक्षण कर साफ-सफाई , सड़क मरम्मत , प्रकाश व्यवस्था , जल निकासी और भवन रखरखाव के कार्य प्राथमिकता से कराए जाने चाहिए ।

कभी विकास और दूरदर्शी सोच का प्रतीक रहा यह ऐतिहासिक बस स्टैंड आज अपने पुराने गौरव की पुनर्स्थापना की प्रतीक्षा कर रहा है । अमरकंटक की गरिमा और पर्यटन महत्व को देखते हुए इसके शीघ्र कायाकल्प की आवश्यकता महसूस की जा रही है । इस ओर शासन प्रशासन कब ध्यान देगा कहना मुश्किल है ।

Next Post

फर्जी तरीके से सिम कार्ड जारी करने, आईएमईआई नंबरों में छेड़छाड़ करने वालों को सरकार ने चेताया

Mon Sep 21 , 2026
नयी दिल्ली, 21 सितंबर (वार्ता) सरकार ने गैरकानूनी तरीके से मोबाइल सिम कार्ड जारी करने और मोबाइल हैंडसेट की अंतर्राष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान (आईएमईआर) नंबर के साथ छेड़छाड़ करने वालों को आगाह करते हुए उन्हें सख्त सजा के प्रावधानों की याद दिलायी है। दूरसंचार मंत्रालय ने नागरिकों को अपने मोबाइल […]

You May Like