कर्नाटक के रामनगर में पॉक्सो अधिनियम के तहत गिरफ्तार किए गए एक फिजिकल एजुकेशन टीचर ने एसपी कार्यालय की इमारत से कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली

रामनगर (कर्नाटक),  कर्नाटक के रामनगर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बच्चों के यौन शोषण (पॉक्सो केस) के आरोप में गिरफ्तार किए गए एक फिजिकल एजुकेशन टीचर ने पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय परिसर में कथित रूप से आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान चन्नापटना तालुक के अक्कुर होसाहल्ली गांव के रहने वाले शशिधर के रूप में हुई है, जो पिछले 15 वर्षों से एक सहायता प्राप्त हाई स्कूल में अपनी सेवाएं दे रहा था। बाल सुरक्षा इकाई के एक अधिकारी की शिकायत पर पिछले दो वर्षों के दौरान छात्राओं के साथ दुराचार के आरोप में रामनगर महिला पुलिस स्टेशन में इसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।

फिंगरप्रिंटिंग के दौरान कांस्टेबलों को धक्का देकर तीसरी मंजिल से नीचे कूदा आरोपी, अस्पताल ले जाते समय हुई दर्दनाक मौत

रामनगर के एसपी रोहन जगदीश ने घटना की पूरी जानकारी देते हुए बताया कि रविवार सुबह आरोपी को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की कानूनी तैयारियां चल रही थीं। इसी प्रक्रिया के तहत मेडिकल जांच कराने के बाद उसे फिंगरप्रिंट रिकॉर्ड करने के लिए एसपी ऑफिस की तीसरी मंजिल पर स्थित एमसीयू यूनिट में लाया गया था। इसी बीच उसने मौका पाकर वहां तैनात कांस्टेबलों को धक्का दिया और अचानक तीसरी मंजिल से नीचे छलांग लगा दी। इस खतरनाक रूप से गिरने के कारण उसके सिर में गंभीर चोटें आईं, और आनन-फानन में अस्पताल ले जाते रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

मृतक के परिजनों ने पुलिस और स्कूल हेडमास्टर पर लगाए गंभीर आरोप, टाउन पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर शुरू की गई जांच

इस दुखद और संवेदनशील घटना के सामने आने के बाद मृतक शशिधर के परिवार वालों ने पुलिस प्रशासन और स्कूल के हेडमास्टर पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं, साथ ही यह भी दावा किया है कि उस पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद थे। इस पूरे मामले को लेकर टाउन पुलिस स्टेशन में औपचारिक रूप से केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस बात की गहनता से जांच की जा रही है कि आखिर सुरक्षा घेरे के बीच यह घटना कैसे घटी, और इसमें संलिप्त सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।

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