बोत्सवाना से आई मादा चीता को कूनो से गांधी सागर किया शिफ्ट, सीएम ने दिया ‘राधा’ नाम, अब गांधीसागर में दो नर और दो मादा चीते

ग्वालियर/श्योपुर: मध्य प्रदेश में प्रोजेक्ट चीता का दायरा अब कूनो से आगे गांधी सागर तक तेजी से बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में बोत्सवाना से लाई गई मादा चीता को बाड़े में छोड़ा। इसी दौरान सीएम ने मादा चीता को नया नाम ‘राधा’ दिया। राधा के आने के बाद गांधी सागर में चीतों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। यहां अब दो नर और दो मादा चीते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाड़े का गेट खोलकर मादा चीता को नए ठिकाने में छोड़ा। गेट खुलने के बाद वह बाड़े में आगे बढ़ती नजर आई। इसी मौके पर सीएम ने इस चीता का नामकरण ‘राधा’ किया।
बोत्सवाना से भारत लाई गई सीसीबी-2 को इससे पहले कूनो नेशनल पार्क में रखा गया था। वह 28 फरवरी 2026 को भारत पहुंची थी। क्वारंटीन और अनुकूलन की प्रक्रिया के बाद मई में उसे कूनो के जंगल में छोड़ा गया था। अब उसे कूनो से गांधी सागर शिफ्ट किया गया है।
गांधी सागर में अब दो नर और दो मादा चीते
राधा के आने से गांधी सागर में चीतों का कुनबा चार का हो गया है। यहां पहले से दो नर चीते प्रभाष और पावक तथा मादा चीता धीरा मौजूद हैं। अब सीसीबी-2 यानी ‘राधा’ दूसरी मादा चीता के रूप में यहां पहुंची है।
गांधी सागर को कूनो के बाद चीतों के दूसरे महत्वपूर्ण ठिकाने के रूप में विकसित किया जा रहा है। एक और मादा चीता की शिफ्टिंग को यहां चीतों की आबादी बढ़ाने और प्रोजेक्ट चीता का दायरा अलग-अलग सुरक्षित क्षेत्रों तक फैलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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