किसान संगठनों, ट्रेड यूनियनों और विपक्षी दलों द्वारा आहूत ‘भारत बंद’ ने देश के विभिन्न हिस्सों में किया प्रभावित; परिवहन, व्यापार पर पड़ा असर, कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच तनाव।
नई दिल्ली, 9 जुलाई, 2025 (नवभारत): विभिन्न किसान संगठनों, ट्रेड यूनियनों और कुछ विपक्षी दलों द्वारा आहूत ‘भारत बंद 2025’ का आज देश के कई हिस्सों में व्यापक असर देखने को मिल रहा है। पश्चिम बंगाल से लेकर तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई तक, बंद का प्रभाव साफ दिखाई दे रहा है, जहाँ दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे और सार्वजनिक परिवहन बाधित हुआ। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें भी हुईं, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
बंद का मुख्य उद्देश्य सरकार के कुछ हालिया फैसलों और नीतियों का विरोध करना है, जिनमें कृषि सुधार कानून, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी प्रमुख हैं। पश्चिम बंगाल में, जहाँ बंद का समर्थन तृणमूल कांग्रेस और वामपंथी दलों ने भी किया है, कई इलाकों में सड़कें जाम रहीं और ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं। पुलिस को प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा। वहीं, चेन्नई में भी सार्वजनिक बसें और ऑटो-रिक्शा कम संख्या में चले, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई। शहर के कुछ हिस्सों में दुकानें बंद रहीं और पुलिस ने संभावित विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर सुरक्षा कड़ी कर दी।
उत्तर भारत में भी आंशिक असर, प्रमुख मांगों पर अड़े प्रदर्शनकारी
उत्तर भारत के कई राज्यों जैसे पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बंद का आंशिक असर देखा गया।
कई किसान संगठनों ने राजमार्गों को अवरुद्ध कर दिया, जिससे लंबी ट्रैफिक जाम लग गईं। दिल्ली में भी कुछ सीमाएं सील कर दी गईं, जिससे राजधानी में प्रवेश करने वाले वाहनों को दिक्कत हुई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है, और यह बंद सरकार पर दबाव बनाने का एक तरीका है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए हैं।

