नयी दिल्ली, 20 मार्च (वार्ता) केंद्र सरकार के उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) और किंड्रिल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड ने नवाचार में तेजी लाने और भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की गुरुवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार यह साझेदारी डिजिटल परिवर्तन और जनरेटिव एआई समाधानों में किंड्रिल की विशेषज्ञता का लाभ उठाकर विनिर्माण और आईटी क्षेत्रों में स्टार्टअप्स का समर्थन करने पर ध्यान केंद्रित करेगी।
डीपीआईआईटी के संयुक्त सचिव संजीव ने कहा कि किंड्रिल की वैश्विक विशेषज्ञता और उद्यम समाधानों का लाभ उठाकर, डीपीआईआईटी का लक्ष्य स्टार्टअप्स को उनके संचालन को बढ़ाने और उद्योगों में तकनीकी प्रगति को आगे बढ़ाने में सहायता करना है।
इस साझेदारी के तहत, स्टार्टअप को मेंटरशिप, इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट और मार्केट एक्सेस के माध्यम से सशक्त बनाया जाएगा, जिससे वे ऑटोमोटिव, फार्मास्यूटिकल्स, बीएफएसआई, तेल और गैस और सरकारी सेवाओं जैसे उद्योगों में अपने समाधानों को एंटरप्राइज इकोसिस्टम में एकीकृत कर सकेंगे।
समझौता ज्ञापन पर डीपीआईआईटी के निदेशक डॉ सुमीत कुमार जारंगल और किंड्रिल के प्रतिनिधि ने दोनों संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।
