वन विभाग में आज करैरा के ग्राम खैरा कोटिया के रहने वाले 250 से 300 ग्रामीण शिकायत लेकर पहुंचे कि आजादी से पहले के रास्ते को फॉरेस्ट वालों ने बंद कर दिया हैं जिससे 5 हजार से ज्यादा ग्रामवासी परेशान बने हुए हैं, क्योंकि वहीं एक मात्र रास्ता हैं जिससे हम ग्रामीणों का आना जाना हैं, अब हमें सुनसान रास्ते से आना जाना पड़ रहा हैं जो कि बहुत खराब रास्ता हैं। जिस पर एंबुलेंस तक नहीं पहुंच पाती,कई बार शिकायत के बाद भी यह रास्ता नहीं खोला जा रहा हैं अगर रास्ता नहीं खोला गया तो ग्रामीण आंदोलन, चक्का जाम करने के लिए मजबूर होंगे।
ग्राम खैरा कोटिया एवं अन्य क्षेत्रवासी विधानसभा करैरा जिला शिवपुरी के समस्त ग्रामीणों ने बताया कि हाजीनगर दुमदुमा से छिरारी तक गए रोड से दुमदुमा से लगभग 01 किमी आगे से हमारे गांव खैरा कोटिया के लिए कच्चा मिट्टी एवं मिट्टी का रोड डला हुआ था जो पुश्तैनी रास्ता एवं रोड हैं उक्त रोड हमारे गांव के लिए बहुत पुराना रोड था। रोड हमारे पुरखों के संमय से ही डला है। गांव के समस्त ग्रामवासी एवं अन्य ग्रामवासी छिरारी, खैरा कोटिया, आंदर, बांसगढ, दावर अली, छिलरी आदि उक्त रोड़ से ही आते जाते है एवं गांव के किसान, मजदूर तथा मवेशी चराने वाले भी इसी रास्ता जंगल एवं बाजार के लिए आते जाते हैं।
